नई दिल्ली
अक्सर पीएफ का पैसा निकालने को लेकर लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. लेकिन अब ईपीएफओ की ओर से कई तरह के नियमों में बदलाव हुआ है, जिसके बाद से पीएफ का पैसा निकालना आसान हो चुका है।
अगर आप मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या फिर घर बनाने के लिए पैसा निकालना चाहते हैं, तो आप पीएफ अकाउंट के तहत आंशिक विड्रॉल कर सकते हैं. ईपीएफओ अपने सदस्यों को पीएफ का पैसा देने के लिए आसान और काफी फ्लेक्सिबल नियम बनाया है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा नोटिफाई नए फ्रेमवर्क के तहत अब नौकरीपेशा कर्मचारी इमरजेंसी के दौरान अपने पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा आसानी से निकाल सकते हैं।
सिर्फ तीन कैटेगरी में निकाल सकते हैं पीएफ का पैसा
EPFO ने विड्रॉल की जटिल प्रॉसेस को खत्म कर दिया है. पहले आंशिक निकासी के लिए 13 अलग-अलग शर्तें और कैटेगरी थीं, जिन्हें अब घटाकर सिर्फ 3 कैटेगरी में बदल दिया गया है।
इमरजेंसी: इसमें गंभीर बीमारी का इलाज, बच्चों की हायर एजुकेशन और परिवार में शादी जैसे खर्च शामिल हैं।
घर की जरूरतें: घर खरीदने, नया मकान बनाने, मरम्मत करवाने या होम लोन चुकाने के लिए भी निकासी शामिल है।
विशेष परिस्थितियां: इस सबसे खास कैटेगरी के तहत सदस्य बिना कोई खास वजह बताए भी अपने पीएफ बैलेंस का 75% तक निकाल सकते हैं।
इस निमय में भी बदलाव
पहले अलग-अलग निकासी के लिए 3 साल से लेकर 7 साल तक की सर्विस की शर्त होती थी. नए नियमों में ज्यादातर एडवांस निकासी के लिए न्यूनतम सदस्यता को घटाकर मात्र 12 महीने यानी 1 साल कर दिया गया है. इसके अलावा, अब विड्रॉल की रकम में सिर्फ आपका योगदान ही नहीं, बल्कि कर्मचारी का योगदान, कंपनी का योगदान और दोनों पर मिला ब्याज तीनों शामिल होंगे. ऐसे में सदस्यों को विड्रॉल के दौरान ज्यादा पैसे मिलने के चांस बढ़ जाएंगे।
नौकरी गई तो कितना पैसा निकाल सकते हैं?
अगर आपकी नौकरी छूट जाती है या आप इस्तीफा दे देते हैं, तो बेरोजगार होते ही आप अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं. बाकी 25 फीसदी बैलेंस लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
बता दें कि पुराने नियम में 2 महीने बेरोजगार रहने पर पूरा 100% पीएफ निकालने का प्रावधान था, जिसे अब भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से बदल दिया गया है।

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