दुर्ग.
भिलाई स्टील प्लांट से संगठित स्क्रैप चोरी मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय सिंह समेत तीनों आरोपियो की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद अब उन्हें जेल भेज दिया गया है. पुलिस ने इस आरोपियो की करोड़ों रुपये की संपत्ति, सोने चांदी के गहने समेत भूमि प्लाट संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं.
एक सप्ताह तक पूछताछ से पुलिस को कई चौकाने वाली जानाकरी भी मिली, जिसके आधार पर अब पुलिस बीएसपी के अधिकारियों से पूछताछ करेगी. दरअसल, पुलिस को पूछताछ में पता चला कि लगभग 6 महीने से आरोपी किस तरह लोहे के स्कैप को फ्लाई एस डस्ट की आड़ में प्लांट से बाहर निकाल कर अक्लोरडीह स्थित गोडाउन तक पहुंचाते थे. 26 मई को रेड कार्रवाई में पुलिस ने अकलोरडीह स्थित ए के ट्रेडर्स से लगभग 250 टन लोहे की प्लेट एवं बीम कटिंग, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये, जप्त की थी. साथ ही परिवहन, लोडिंग में उपयोग वाले वाहनों और मशीनों सहित कुल लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये कीमत की संपत्ति भी बरामद की.
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा चोरी से अर्जित धनराशि को अचल संपत्ति एवं आभूषणों में निवेश किए जाने संबंधी जानकारी मिली. इसके आधार पर मुख्य आरोपी संजय सिंह के लॉकर से लगभग 50 लाख रुपये के सोने चांदी के गहने और लगभग 03 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जप्त किए गए हैं. इसके अलावा स्क्रैप परिवहन में उपयोग में लाए गए वाहनों के फर्जी नंबर प्लेट भी जप्त किए गए हैं. पूर्व में 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है.
इस मामले में जांच के दौरान मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह को उत्तरप्रदेश के देवरिया क्षेत्र से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा अमित शर्मा और आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया. आरोपी को 16 जून को गिरफ्तार कर 07 दिवस की पुलिस रिमांड लिया गया था. ईस दौरान पुलिस द्वारा आरोपियों को खुर्सीपार गेट से एसएमएस-3 तक मुख्य घटनास्थल ले जाकर घटनास्थल का सीन रिक्रियेट कराया गया.

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