नई दिल्ली
सोमवार को गुलाम जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ तेज विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और 22 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। बता दें कि पिछले 24 घंटों में 'मौलिक अधिकारों के हनन' के मुद्दे पर अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में गुलाम जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। विरोध प्रदर्शन के बाद बाजार और दुकानें पूरी तरह से बंद कर दी गई।
प्रदर्शनकारियों की 38 मांगें
प्रदर्शनकारियों की 38 मांगें हैं, जिनमें पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओके) विधानसभा की 12 सीटों को समाप्त करना भी शामिल है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि इससे प्रतिनिधि शासन कमजोर होता है।
इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं निलंबित
बता दें कि गुलाम जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवाएं निलंबित रहीं। पब्लिक एक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही एक बड़ी रैली का आयोजन करेंगे।
यूएनएचआरसी में भी जिक्र
हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की 60वीं बैठक में भी गुलाम जम्मू-काश्मरी का जिक्र किया गया था, जिसमें बताया गया था कि यहां के लोग पाकिस्तान सरकार के आतंकी एजेंडे के कारण काफी पीड़ित हैं।

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