भोपाल
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के सेंटर ऑफ क्रिएटिव लर्निंग, भोपाल में दो दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों ने मेंडलियन जेनेटिक्स के मूल सिद्धांतों को प्रयोगात्मक रूप से सीखा। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को वंशानुगति के सिद्धांतों से परिचित कराना और प्रयोगों के माध्यम से उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करना था।
कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बीजों और मॉडल्स का उपयोग कर वंशानुगति के पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरण को समझा। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को नवीन और अत्यंत रोचक बताया। इस दौरान एमपीसीएसटी के निदेशक डॉ. अनिल कोठारी और आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए निरंतर प्रयोगात्मक गतिविधियों में भाग लेने और वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति समर्पण के लिए प्रेरित किया। सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। ये प्रमाणपत्र विद्यार्थियों को इस कार्यशाला के शैक्षिक अनुभव के प्रतीक के रूप में प्रदान किये गये। कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक रही, साथ ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनकी रुचि को और प्रोत्साहित करने में भी सफल रही।

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