सुकमा-बीजापुर.
बस्तर संभाग में इस बार नक्सलियों का तथाकथित शहीदी सप्ताह पूरी तरह फीका नजर आया. 28 जुलाई से 3 अगस्त के बीच संवेदनशील इलाकों में सामान्य दिनों जैसा माहौल रहा. जहां पहले दहशत का माहौल रहता था, वहां अब खेतों में किसान काम करते दिखाई दिए.
यात्री बसें और निजी वाहन बिना किसी रुकावट के चलते रहे. बीजापुर-कोंटा और जगरगुंडा मार्ग पर भी आवाजाही सामान्य रही. ग्रामीणों का कहना है कि इस बार उन्हें शहीदी सप्ताह का कोई असर महसूस नहीं हुआ. पहले इन्हीं दिनों बाजार, खेती और आवाजाही तक प्रभावित रहती थी. अब गांवों में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ती दिखाई दे रही है.
महिलाएं सामाजिक योजनाओं का लाभ मिलने की बात भी कह रही हैं. बदला हुआ माहौल सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलाव की तस्वीर पेश कर रहा है. हालांकि सुरक्षा बल अब भी पूरी सतर्कता बनाए हुए हैं. बस्तर में लौटती सामान्य जिंदगी बदलाव की नई कहानी लिखती दिखाई दे रही है.

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