अकबरपुर
जिले के अकबरपुर क्षेत्र में स्थित अथर्व स्कैन एंड लैब प्राइवेट लिमिटेड पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें एसडीएम व जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह और स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल रही।
जांच की भनक लगते ही वहां अफरातफरी
बता दें कि जांच के दौरान सेंटर पर अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेवाएं संचालित होने की पुष्टि हुई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस चिकित्सक द्वारा जांच की जा रही थी, उसका पीएनडीटी एक्ट के तहत कोई पंजीकरण नहीं है। मौके पर मौजूद टीम ने बताया कि जांच की भनक लगते ही वहां अफरातफरी मच गई और कर्मचारी इधर-उधर भागने लगे। वहीं दूसरी ओर, आईएएस अधिकारी प्रतीक्षा सिंह करीब दो घंटे तक सेंटर पर मौजूद रहीं, लेकिन प्रबंधन की ओर से किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रही थी जांच
प्रबंधन की दबंगई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम की मौजूदगी में ही सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि सेंटर के जिस डॉक्टर के नाम पर पंजीकरण था, उसने दो दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया था। जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह सेंटर बिना पंजीकृत डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड संचालन कर रहा था, जो कानून का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी और आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम में अकबरपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. नूर अहमद भी मौजूद रहे। प्रशासन ने सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।

More Stories
CEC ज्ञानेश कुमार के लखनऊ दौरे से बढ़ी चुनावी हलचल, क्या यूपी में होंगे समय से पहले चुनाव?
IAS दुर्गा शक्ति नागपाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार, जानें किस बात पर जताई नाराजगी
उत्तर प्रदेश में 17 IAS अधिकारियों का तबादला, संगीता सिंह को मुरादाबाद मंडल की कमान