नई दिल्ली
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है। इसके साथ ही इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को पहली याचिका भी दायर हो गई है। बिहार की किशनगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने यह याचिका दाखिल की है। सांसद जावेद ने वक्फ कानून में हाल ही में किए गए बदलाव को चुनौती देते हुए इसे मुस्लिम समुदाय के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने अपनी याचिका में इस विधेयक के माध्यम से किए गए संशोधनों को मुस्लिम समुदाय के मूल अधिकारों के खिलाफ बताया है।
संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। मुस्लिम समुदाय के कई संगठन और विपक्ष के नेता इस संशोधन का विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार का दावा है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उनके सही उपयोग के लिए है तथा इससे गरीब मुसलमानों को लाभ मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर राज्यसभा में गुरुवार को चर्चा शुरू हुई और लगातार चली बैठक के बाद शुक्रवार तड़के यह विधेयक पारित हो गया। इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े। लोकसभा पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी थी। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में संशोधन के जरिए वक्फ बोर्ड के ढांचे में बदलाव और कानूनी विवादों को कम करना है। विधेयक को पारित करने के लिए राज्यसभा की बैठक (शुक्रवार) रात 2:30 बजे के बाद तक चली। विपक्ष के सभी संशोधन खारिज हो गए।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराने के लिए यह विधेयक लाई है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को डराने और गुमराह करने का काम विपक्ष कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधेयक से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा।

More Stories
RBI New Rule: ₹25,000 तक का लाभ मिलेगा, भारतीय रिजर्व बैंक ने लागू किए नए नियम
India-Japan Summit: 1 जुलाई को भारत दौरे पर आएंगी जापानी प्रधानमंत्री, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
Operation Sindoor: सरकार ने पहली बार जारी किए 6 शहीद जवानों के नाम, वॉर मेमोरियल पर मिली अमर पहचान