August 24, 2026

हथिनी विवाद पर बढ़ा तनाव, महाराष्ट्र सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

मुंबई 
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में नंदनी मठ को माधुरी उर्फ महादेवी हाथी को वापस लाने के लिए राज्य सरकार का साथ मिला है। राज्य सरकार इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस मामले में सरकार, मठ के साथ है और उसे वापस लाने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में मठ के साथ है और सरकार भी अलग से पुनर्विचार याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिति रखेगी।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय के कैबिनेट हॉल में माधुरी हथिनी के मुद्दे पर बैठक हुई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, जनस्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबिटकर, नंदनी मठ के प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नंदनी मठ की परंपराओं और स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर कानूनी प्रक्रिया के जरिए माधुरी हथिनी को वापस लाने की कोशिश की जाएगी। पिछले 34 साल से माधुरी मठ में है और जनता चाहती है कि वह वापस आए। इसके लिए राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करेगी और मठ को भी अपनी याचिका में सरकार को शामिल करना चाहिए। वन विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत पक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसमें उच्च-स्तरीय समिति और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सुझावों को लागू किया जाएगा। हथिनी की देखभाल के लिए डॉक्टरों सहित एक टीम बनाई जाएगी और जरूरी सहायता दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू सेंटर जैसी व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार इस याचिका में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का अनुरोध भी करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस मामले में नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि वन विभाग को महाराष्ट्र से बाहर ले जाए गए सभी हाथियों की जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए। इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार को नागरिकों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए माधुरी हथिनी को वापस लाने की पहल करनी चाहिए।

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