लखनऊ
लखनऊ एसटीएफ ने केंद्र की एसएससी परीक्षा में सेंधमारी करने वाले 11 मुन्नाभाई को नोएडा के फेज 2 क्षेत्र से पकड़ा है. सभी एक से डेढ़ लाख रूपये लेकर विकलांग अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे थे. आरोपियों के कब्जे से मोटी रकम करीब 14 लाख से ज्यादा बरामद हुए है. इसके अलावा परीक्षा का टेंडर देख रही कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है. कर्मचारी भी पकड़े गए है.
क्या है नियम
केंद्र की एसएससी परीक्षा पास करने के लिए विकलांग अभ्यर्थी को ग्रेजुएट होना जरूरी है. उसके राइटर के रूप में सिर्फ वही व्यक्ति परीक्षा दे सकता है जो कि इंटरमीडिएट हो. इस मामले में आरोपी बीटेक पास है. मोटी रकम लेकर आरोपी विकलांग की जगह परीक्षा दे रहे थे. नियमों को ताख पर रखकर ऐसा किया जा रहा था.
बीटेक पास है आरोपी
लखनऊ एसटीएफ के सीओ प्रमेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बीटेक पास है. आरोपियों ने विकलांग अभ्यर्थियों से मोटी रकम ली और उनके स्थान पर परीक्षा दे रहे थे. सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. आरोपी लंबे समय से इस काम को अंजाम दे रहे थे. आरोपियों से पूछताछ जारी है.
सीएमओ के फर्जी प्रमाण पत्र मिले
आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सीएमओ के फर्जी प्रमाण पत्र मिले है. इनका इस्तेमाल बीटेक पास राइटर को परीक्षा में बैठाने के लिए किया जाता था. आरोपी खुद की सीएमओ का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर लेते थे. आरोपी मुख्य रूप से साल्वर की भूमिका निभा रहे थे.
कर्मचारी कराते थे एंट्री
आरोपियों के गैंग में कंपनी के कर्मचारी भी शामिल है. इन कर्मचारियों की भूमिका साल्वर को परीक्षा केंद्र के अंदर एंट्री कराने की रहती थी. बिना कर्मचारी के मिलीभगत के केंद्र के अंदर एंट्री करना संभव नहीं है. इसके बदले में कर्मचारी मोटी रकम लेते थे.

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