ग्वालियर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार, 22 जून को चीतों की धरती श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में आ रही हैं। राष्ट्रपति यहां सहरिया आदिवासियों की संस्कृति से रूबरू होंगी और उनसे चर्चा भी करेंगी। इसके अलावा कूनो नेशनल पार्क में दो नंबर बाड़ा और तीन-ए बाड़ा में तैयारियां जारी हैं क्योंकि यहां राष्ट्रपति को सफारी का अनुभव कराए जाने का प्रस्तावित है।
तीन-ए बाड़ा में यहां जन्मी चीता मुखी व उसके चार शावक चीते हैं। कूनो में जोर शोर से तैयारियां की जा रही हैं चार हैलीपेड तैयार किए जा चुके हैं और आदिवासियों को चिन्हित भी किया जा रहा है जिन्हें राष्ट्रपति से मिलवाया जाएगा। इसके अलावा चीता मित्र भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति 21 जून को ग्वालियर होकर कूनो पहुंच जाएंगी और रात्रि विश्राम यहीं कर 22 जून को यहां विजिट प्रस्तावित है।
बता दें, राष्ट्रपति दौपद्री मुर्मु इन दिनों मप्र के प्रवास पर हैं जिस क्रम में उनका ग्वालियर चंबल आगमन प्रस्तावित है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में उनके आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सहित मैदानी इंतजाम किए जा रहे हैं। चार हैलीपेड तैयार कर दिए गए हैं और 200 बैरीकेड से हद तैयार की जा रही है। श्योपुर पुलिस प्रशासन की ओर से नो फ्लाइंग जोन के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
आदिवासियों को प्रशिक्षण भी मिलेगा
सहरिया आदिवासियों के गांवों की श्योपुर जिले में काफी संख्या है, इन आदिवासियों को पहले चीते को लेकर जागरूक भी किया जा चुका है और कई चीता मित्र की भूमिका भी निभा रहे हैं। ऐसे में कुछ आदिवासियों को चिन्हित कर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है क्योंकि राष्ट्रपति सहरिया आदिवासियों से चर्चा कर सकती हैं। वन विभाग की ओर से वन रक्षकों को भी चीता मित्रों से संपर्क करने के लिए निर्देश मिले हैं।
मुखी चीता को सफारी में देख सकती हैं राष्ट्रपति
जानकारी के अनुसार मादा चीता मुखी को सफारी के दौरान राष्ट्रपति को दिखाया जा सकता है क्योंकि यह पहली भारतीय मादा चीता है। दोनों बाड़ों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

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