नई दिल्ली
PV Sindhu China Open 2026: गुरुवार को चीन ओपन (China Open 2026) में चेन युफेई (Chen Yufei) के खिलाफ एक घंटे 29 मिनट तक चले रोमांचक और कड़े मुकाबले के बाद पीवी सिंधु (PV Sindhu) कोर्ट से निराश होकर बाहर निकलीं।
इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सहनशक्ति की हदें पार कर दीं। सिंधु जीत से बस एक पॉइंट दूर थीं, लेकिन वर्ल्ड नंबर 4 और घरेलू खिलाड़ी चेन ने शानदार वापसी करते हुए चांगझोउ में खेले गए दूसरे राउंड के मैच में 16-21, 22-20, 21-18 से जीत हासिल की।
सिंधु की शानदार वापसी
गुरुवार का मैच जापान ओपन में हुए उनके सेमीफाइनल मुकाबले का रीमैच था। जापान ओपन में वह मुकाबला बीच में ही खत्म हो गया था क्योंकि यूफेई चोटिल हो गई थीं और उन्हें हटना पड़ा था। ऐसा लग रहा था कि वर्ल्ड नंबर 4 खिलाड़ी ने पिछली बार की गलतियों से सबक लिया है और शुरुआत में सिंधु को संघर्ष करना पड़ा। लेकिन भारतीय स्टार खिलाड़ी ने शानदार वापसी करते हुए पहला गेम जीता और क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के करीब थीं। फिर हल्की सी चोट ने सिंधु की लय बिगाड़ दी।
अंत में हारीं सिंधु
वर्ल्ड नंबर 4 खिलाड़ी मैच को फाइनल गेम तक ले गईं, जहां दोनों खिलाड़ियों ने अपना बेहतरीन खेल दिखाया और कड़ा मुकाबला हुआ। आखिरकार, यूफेई ने जापान ओपन में मिली हार का बदला ले लिया। भारतीय कोच विमल कुमार ने कहा, यह उस क्वालिटी की याद दिलाता है जो पारंपरिक 21-पॉइंट सिस्टम में देखने को मिलती है।
उन्होंने कहा, "यह अटैकिंग और डिफेंसिव बैडमिंटन का बेहतरीन नमूना था, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने शानदार रैलियां खेलीं। बेहतरीन रणनीति दिखाई और जबरदस्त जज्बा दिखाया।"
हाल के मैचों को देखें तो सिंधु का एक नया रूप देखने को मिला है। ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने आक्रामक अंदाज को सही दिशा दी है। मैच की शुरुआत में यूफेई ने 5-2 की बढ़त बना ली थी। हालांकि भारतीय खिलाड़ी ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर लिया, लेकिन उनकी चीनी प्रतिद्वंद्वी एक कदम आगे नजर आ रही थीं। टोक्यो में हुए मुकाबले के दौरान सिंधु के क्रॉस-ड्रॉप शॉट्स यूफेई के लिए परेशानी का सबब बने थे।
इस बार चीनी खिलाड़ी पूरी तैयारी के साथ आई थीं। उन्होंने बढ़त बनाई और 11-6 की बढ़त के साथ ब्रेक में गईं। खेल दोबारा शुरू होने के तुरंत बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच अंकों का आदान-प्रदान हुआ, लेकिन अंकों का अंतर बना रहा और ऐसा लग रहा था कि सिंधु को वापसी के लिए किसी चमत्कार की जरूरत है। उन्होंने थोड़ी और किस्मत और हिम्मत दिखाई जिससे अंकों का अंतर घटकर दो रह गया। इसके बाद उन्हें रोकना मुश्किल हो गया और उन्होंने युफेई को पीछे छोड़ते हुए लगातार सात अंक जीते और पहला गेम अपने नाम किया।
दूसरे गेम की शुरुआत में सिंधु ने अपनी लय बनाए रखी और स्कोर 7-3 कर दिया। युफेई ने थोड़ी वापसी की कोशिश की, लेकिन ब्रेक तक सिंधु बढ़त बनाए हुए थीं। खेल दोबारा शुरू होने के बाद युफेई बिना संघर्ष किए हार मानने को तैयार नहीं थीं। जब सिंधु 20-16 से आगे थीं। इसी समय सिंधु को शारीरिक रूप से थोड़ी परेशानी होती दिखी। एक ड्रॉप शॉट चूकने के बाद वह कुछ देर तक कोर्ट पर ही बैठी रहीं।
तीसरा गेम लगभग हर मामले में बराबरी का था। सिंधु ने सबसे अहम समय पर गति पकड़ी और पहले हाफ में 11-8 की बढ़त बना ली। दोबारा शुरू हुआ खेल भी पहले जैसा ही रहा और इस बार युफेई ने जोरदार वापसी करते हुए सभी दर्शकों को रोमांच से भर दिया। जैसे-जैसे युफेई ने अपना दबदबा कायम करना शुरू किया, सिंधु के हाथ से मुकाबला तेजी से निकलने लगा और उन्होंने एक ऐसी बढ़त बनाई जो निर्णायक साबित हुई।

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