नई दिल्ली
15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से पहले आतंकवादी खतरों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने पूरी राजधानी में हाई अलर्ट जारी किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच, रेलवे पुलिस और विभिन्न जिलों की पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा इकाइयां भी अलर्ट मोड पर हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों में 19 आतंकवादियों के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर इंडियन मुजाहिदीन,अल कायदा और खालिस्तानी आतंकियों की फोटो हैं।
तीन आतंकी मॉड्यूल पर फोकस
दिल्ली पुलिस ने जिन 19 आतंकियों की तस्वीरें जारी की हैं, उन्हें तीन अलग-अलग मॉड्यूल में बांटा गया है. इनमें इंडियन मुजाहिदीन, अलकायदा और खालिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े वांटेड आरोपी शामिल हैं. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें।
आतंकवादियों की लिस्ट-
इन पोस्टरों में इंडियन मुजाहिदीन के रियाज भटकल और शबांदरी मोहम्मद इकबाल उर्फ इकबाल भटकल, अल-कायदा से जुड़े मोहम्मद शर्जील अख्तर, अबू सुफियान, मोहम्मद उमर और सैयद मोहम्मद अर्शियान दिखाई दे रहे हैं। मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों की लिस्ट में 'खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स' के रंजीत सिंह उर्फ नीता, परमजीत सिंह पम्मा, 'खालिस्तान टाइगर फोर्स' के अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला और 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' (BKI) के हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा, वधावा सिंह बब्बर व गुरमीत सिंह बग्गा के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने की बड़ी अपील, सूचना देने पर इनाम
पोस्टर में पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इनमें से किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। पोस्टर पर सूचना देने के लिए दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर 112 भी दिया गया है। पुलिस ने पहचान या ठिकाने की जानकारी देने वालों को इनाम देने और उनका नाम गुप्त रखने की बात कही है।
इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े 5 चेहरे
पहले मॉड्यूल में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े पांच वांछित आतंकियों को शामिल किया गया है. इनमें कर्नाटक के भटकल निवासी इकबाल भटकल और रियाज भटकल, बेंगलुरु निवासी जुनैद अहमद, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी मोहम्मद खालिद और महाराष्ट्र के पुणे निवासी मोहसिन चौधरी शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में इनका नाम कई आतंकी मामलों में सामने आ चुका है।
अलकायदा मॉड्यूल के 6 आतंकी
दूसरे मॉड्यूल में अलकायदा से जुड़े छह वांछित आतंकियों की तस्वीरें जारी की गई हैं. इनमें संभल निवासी मोहम्मद शरजील अख्तर, दिल्ली के सीलमपुर निवासी मोहम्मद रेहान, झारखंड के छत्रा निवासी अबू सूफियान, जमशेदपुर निवासी सैयद मोहम्मद आर्शियान, बेंगलुरु निवासी मोहम्मद शहीद फैजल उर्फ उस्ताद और हैदराबाद निवासी मोहम्मद उमर शामिल हैं।
खालिस्तानी संगठनों से जुड़े 8 आतंकियों की भी तलाश
तीसरे मॉड्यूल में खालिस्तानी संगठनों से जुड़े आठ वांछित आतंकियों को शामिल किया गया है. इनमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल के वाधवा सिंह बब्बर, पुरुषोत्तम सिंह पम्मा और हरविंदर सिंह रिंदा, गुरमीत सिंह बग्गा, भूपेंद्र सिंह भिंडा, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रणजीत सिंह, परमजीत सिंह पम्मा और खालिस्तान टाइगर फोर्स के अर्शदीप सिंह डाला शामिल हैं।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी
दिल्ली पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, बाजारों, ऐतिहासिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है. कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं. इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी, वाहन जांच और संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
हर साल एहतियातन लगाए जाते हैं पोस्टर
बता दें कि हर साल 15 अगस्त के पहले एहतियातन इस तरह के वांटेड आतंकियों के पोस्टर लगाए जाते हैं जिनसे भारत और दिल्ली को खतरा है। सुरक्षा के लिए खतरा बने इन आतंकियों की लिस्ट जारी की जाती है, ताकि आम नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध की पहचान होने पर तुरंत सूचना दे सकें।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इन पोस्टरों को लगाने से आम नागरिक भी सतर्क रहेंगे और संदिग्ध या वांटेड व्यक्तियों की पहचान में पुलिस की मदद कर सकेंगे। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों, बाजारों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
'अभिज्ञान' ऐप का बड़े पैमाने पर होगा इस्तेमाल
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजामों के तहत पहली बार भीड़ में लोगों की जांच के लिए 'अभिज्ञान' ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस ऐप में एक करोड़ से अधिक अपराधियों का डेटाबेस है और पुलिसकर्मी रैंडमली ढंग से चुने गए लोगों का 'फिंगरप्रिंट' लेने के लिए विशेष उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं। 'फिंगरप्रिंट' को कुछ ही सेकेंड में डेटाबेस से मिलाया जाता है, ऐसे में लाल संकेत का मतलब होता है कि व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड है और उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देती है, जबकि हरे संकेत का मतलब है कि कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
अधिकारियों ने यह भी बताया कि लाल किले और उसके आस-पास के इलाकों की निगरानी के लिए लगभग 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 'फेशियल रिकग्निशन सिस्टम' वाले कैमरे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्मारक के अंदर एक हाई-टेक सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से पुलिसकर्मी और तकनीकी दल चौबीसों घंटे इलाके पर नजर रख रहे हैं।
'एंटी-ड्रोन सिस्टम' भी तैनात
अधिकारियों ने बताया कि इस निगरानी नेटवर्क का इस्तेमाल लाल किले के बाहर कई किलोमीटर के इलाके पर नजर रखने के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊंचे मंचों समेत अहम जगहों पर 'स्नाइपर' तैनात किए जाएंगे और किसी भी अनधिकृत हवाई गतिविधि को रोकने के लिए 'एंटी-ड्रोन सिस्टम' भी लगाए गए हैं। उत्तरी जिला कंप्यूटर प्रकोष्ठ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस का जश्न सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए गृह मंत्रालय की 'स्मार्ट पुलिसिंग' पहल के तहत ये इंतजाम किए जा रहे हैं। इस साल लाल किले पर कार्यक्रम का विषय 'वंदे मातरम' है। सुरक्षा कारणों से 15 अगस्त को स्मारक के आस-पास पतंग उड़ाने पर रोक लगा दी गई है।

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