नई दिल्ली
ट्रेन से यात्रा का प्लान बनाते समय सबसे बड़ी टेंशन बर्थ कंफर्म होने की होती है। इस मामले में रेलवे से यात्रियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर आई है। भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक रेलवन एप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस कर दिया है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, एप में जोड़ा गया नया एआई आधारित फीचर टिकट कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाता है और इसकी सटीकता लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार है जब किसी सरकारी रेलवे एप में यात्रियों को वेटिंग टिकट की स्थिति के बारे में एआई आधारित पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद करना है। यदि किसी यात्री का टिकट वेटिंग में है, तो एप उपलब्ध आंकड़ों और पूर्व रिकॉर्ड के आधार पर यह अनुमान बताएगा कि टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है।
एआई मॉडल लाखों पुराने रिजर्वेशन रिकॉर्ड, टिकट कैंसिलेशन के पैटर्न, विभिन्न रूटों पर यात्रियों की मांग, मौसम, छुट्टियों और त्योहारों के दौरान होने वाली अतिरिक्त भीड़ जैसे कई कारकों का विश्लेषण करता है। इसके बाद सिस्टम संभावित परिणाम का आकलन करता है। रेलवे का दावा है कि हालिया परीक्षणों और समीक्षा में इस तकनीक ने लगभग 94 प्रतिशत तक सटीक परिणाम दिए हैं।
हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल एक पूर्वानुमान है, कोई अंतिम गारंटी नहीं। टिकट का वास्तविक कन्फर्मेशन सीटों की उपलब्धता, कैंसिलेशन और चार्ट तैयार होने तक होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा। इसलिए यात्रियों को एआई के अनुमान को केवल एक मार्गदर्शक के रूप में देखना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रेलवे सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कारण होने वाली अनिश्चितता से काफी हद तक राहत मिलेगी और वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था भी कर सकेंगे।
उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ पीआरओ डॉ. अमित मालवीय का कहना है कि भविष्य में एआई आधारित सेवाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। रेलवन एप में जोड़ी गई यह नई सुविधा भारतीय रेलवे के तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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