रायपुर
छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने ई-बसों के संचालन के लिए मार्च तक की डेडलाइन तय की है। इससे पहले दिसंबर तक जरूरी अधोसंरचना, चार्जिंग स्टेशन, डिपो निर्माण और बसों के रूट निर्धारण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर को भारत सरकार से 100 ई-बसें मिलेंगी। इनके संचालन से शहरवासियों को किफायती, आरामदायक और पर्यावरण हितैषी सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Raipur E-Bus: स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों को जोड़कर बन रहे रूट
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग शहरवासियों के साथ रोजाना रायपुर आने वाली फ्लोटिंग पॉपुलेशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर ई-बसों के रूट तैयार कर रहा है। रूट निर्धारण में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार, महत्वपूर्ण संस्थानों और अन्य जनोपयोगी स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। उद्देश्य यह है कि ई-बस सेवा शहर के प्रमुख हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ सके।
दिसंबर तक पूरा करना है इंफ्रास्ट्रक्चर का काम
अधिकारियों के अनुसार छत्तीसगढ़ में ई-बस संचालन का यह पहला बड़ा प्रयास है। इसलिए बसों के संचालन से पहले डिपो, चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। डिपो और सिविल वर्क समेत अन्य निर्माण कार्यों के लिए एनएचएआई, रेलवे और संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियां और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
रियल टाइम होगी ई-बसों की मॉनिटरिंग
ई-बस सेवा शुरू होने के बाद संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। इसके तहत रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत किया जाएगा। शहर की परिवहन जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ई-बस संचालन की प्राथमिकता तय की जा रही है।
एचटी लाइन को लेकर लंबित प्रक्रिया का हुआ निराकरण
रायपुर में ई-बसों के संचालन के लिए सीएसपीडीसीएल की ओर से एचटी लाइन बिछाने का काम भी जरूरी है। इसके लिए एनएचएआई के पोर्टल पर अनापत्ति से संबंधित आवेदन लंबित था, जिसका अब निराकरण किया जा चुका है। इसके बाद ई-बस संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
चार शहरों में तय हो रहे परिवहन जरूरत के अनुसार रूट
ई-बस सेवा के लिए रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में भी रूट निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन शहरों में रूट तय करते समय स्थानीय परिवहन जरूरतों और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखा गया है। सरकार का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ई-बस सेवा शुरू करना है।

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