इंदौर.
प्रशांत महासागर में अलनीनो अब सामान्य स्थिति से पाजिटिव में तब्दील हो चुका है। समुद्र तल गर्म होने के कारण इसका दक्षिणी पश्चिमी मानसून पर असर दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि भारत में अभी मानसून की गति पर ब्रेक लगने जैसी स्थिति दिखाई दे रहा है।
वहीं, शनिवार दोपहर को शहर में तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम सुहावना हो गया। विगत वर्षो में 19 जून तक जो मानसून इंदौर सहित मप्र तक पहुंच जाता था। इस बार मानूसन उड़ीसा झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ के मुहाने पर ही अटका हुआ है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक 23 जून तक छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने की संभावना है। ऐसे में जून के अंतिम सप्ताह में 27 जून के आसपास ही मप्र में मानूसन के प्रवेश करने की संभावना है।
प्रदेश में 45 प्रतिशत कम हुई है वर्षा
प्रदेश में जून माह के 19 दिनों में वर्षा (Rain in Madhya Pradesh) लगभग नदारद ही रही है। प्रदेश में प्री मानसून सीजन (Pre Monsoon in MP) में अब तक 45 फीसद कम वर्षा हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के जिले ज्यादा प्रभावित है। पूर्वी मप्र में 45 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। वही पश्चिमी मप्र में 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई।
इंदौर में बादल के साथ हल्की बूंदाबांदी के आसार
इंदौर शहर में दोपहर में निकली धूप ने शहरवासियों को परेशान किया। दिन में हल्के बादल भी छाए। शुक्रवार को शहर में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। वही न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को शहर में बादल छाएंगे और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।

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