वाराणसी
श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद काशी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बन गई है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी पहुंच रहे हैं, जिसके चलते दशाश्वमेध, अस्सी और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 19 मार्च से ललिता घाट पर भव्य गंगा आरती शुरू करने का निर्णय लिया है।
45 मिनट तक होगी गंगा आरती
हिंदू नववर्ष के प्रथम दिन इसका शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर न्यास के अनुसार, ललिता घाट पर सात अर्चकों द्वारा प्रतिदिन शाम 6:45 बजे से लगभग 45 मिनट तक गंगा आरती की जाएगी। इस आरती के माध्यम से विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु गंगा द्वार से ही गंगा आरती के दर्शन कर सकेंगे। इससे पहले सितंबर 2025 में नमो घाट पर भी सात अर्चकों द्वारा गंगा आरती की शुरुआत की गई थी। उसी तर्ज पर अब ललिता घाट पर भी भव्य आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि यह पहल बाबा विश्वनाथ के भक्तों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से की जा रही है। श्रद्धालु गंगा द्वार की सीढि़यों पर बैठकर आराम से गंगा आरती का दर्शन कर सकेंगे। बाबा विश्वनाथ के दरबार और सामने मां गंगा की आरती का द्दश्य भक्तों को दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि काशी में दशाश्वमेध, अस्सी, शीतला और नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती में अक्सर भारी भीड़ और ट्रैफिक के कारण कई श्रद्धालु समय पर आरती स्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में 19 मार्च से ललिता घाट पर शुरू होने वाली गंगा आरती श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दबाव को कम करने में सहायक साबित होगी।

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