बीजापुर-सुकमा.
सीमावर्ती गांवों में बिजली व्यवस्था अब नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। घने जंगल और सुरक्षा चुनौतियों के कारण वर्षों से तेलंगाना से बिजली ली जा रही थी। अब छत्तीसगढ़ की ओर से बिजली पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है।
पामेड़ समेत कई गांव अभी तेलंगाना के ग्रिड से जुड़े हुए हैं। विद्युत विभाग ने लाइन विस्तार का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द सभी गांव राज्य के अपने नेटवर्क से जुड़ेंगे। इलाके में लाइनमैन और हेल्पर की स्थायी तैनाती भी की गई है। फाल्ट आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था बनाई गई है।
नक्सल प्रभाव कम होने से विकास कार्यों को गति मिलने लगी है। राज्य में पर्याप्त बिजली उत्पादन होने के बावजूद खरीद की मजबूरी रही है। नई लाइन बनने के बाद यह निर्भरता समाप्त होने की उम्मीद है। बिजली पहुंचने से सीमावर्ती गांवों के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

More Stories
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल
छत्तीसगढ़ में भर्ती प्रक्रिया बदली, लिखित परीक्षा के बाद 15 गुना उम्मीदवारों का होगा चयन
गांवों के विकास की नई प्लानिंग, 2 अक्टूबर से ‘रिफॉर्म उत्सव’; बनेगा ग्राम पंचायत प्लान