भोपाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के पहले से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। 17 मई को मुख्यमंत्री मोहन यादव अलग-अलग मंत्रियों से चर्चा करने वाले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेह हो गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद भाजपा कैबिनेट विस्तार पर फैसला ले सकती है।
जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कुछ मंत्रियों से इस्तीफा लेने की भी योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान के बाद विवादों में हैं, वहीं कुछ अन्य मंत्रियों का प्रदर्शन भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। ऐसे में कैबिनेट विस्तार से पहले कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में सीएम समेत 31 पद भरे हुए है और चार पद खाली हैं और विस्तार से पहले चार मंत्रियों के इस्तीफे की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा
जानकारी के अनुसार इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला विधायकों को भी मौका दिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर 17 मई को होने वाली बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुलाकात में पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत पर बधाई देने के साथ ही अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा करने की बात कही जा रही है। इससे पहले नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दो दिन पहले अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं।
केंद्रीय मंत्रियों से भी सीएम ने की मुलाकात
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ मध्यप्रदेश में शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी से सौजन्य भेंट की। वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू से भी मुलाकात कर प्रदेश में विमानन सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के इस दिल्ली दौरे को प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार और केंद्र-राज्य समन्वय के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

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