नई दिल्ली
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने NEET-UG की री-एग्जाम परीक्षा से ठीक एक दिन पहले देशभर में मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया है। इस मॉक ड्रिल के जरिए एनटीए परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप से परख रही है।
यह फुल-स्केल रिहर्सल सुबह 9 बजे से रात के 8 बजे तक चलेगी। देश के 551 और विदेश के 14 शहरों में 5,500 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन्हें हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील किया गया है।
इस री-एग्जाम में 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल होंगे। इस मॉक ड्रिल को करने का मुख्य उद्देश्य 21 जून की मुख्य परीक्षा को पूरी तरह से सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य क्या है?
इसमें परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्रों की सुरक्षित डिलीवरी, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, और बहुस्तरीय सुरक्षा जांच जैसी सभी प्रक्रियाओं का वास्तविक समय में परीक्षण किया जाता है।
6,669 पर्यवेक्षक तैनात किए गए
एनटीए के अनुसार, पुनर्परीक्षा में कई एजेंसियों और प्रशासन के विभिन्न स्तरों के बीच घनिष्ठ समन्वय शामिल है, जिसमें 674 शहर समन्वयक शहर-स्तरीय संचालन की देखरेख कर रहे हैं और परीक्षा केंद्रों पर स्वतंत्र निगरानी के लिए 6,669 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्र अधीक्षक और पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।
एनटीए ने बताया कि पुनर्परीक्षा के सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित कुल मिलाकर 2 लाख से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है। एनटीए इस बार किसी तरह की चूक करना नहीं चाहती है।

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