भोपाल
प्रदेश में अगले तीन वर्ष में ढाई लाख से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। भर्ती नियम में एकरूपता के लिए सरकार माडल नियम बनाने जा रही है तो साक्षात्कार की व्यवस्था में भी परिवर्तन प्रस्तावित किया गया है। दरअसल, कुछ विभागों में वाक इन इंटरव्यू की व्यवस्था है। इसमें पदों की सीमित संख्या के बाद भी कई गुना अभ्यर्थी बुला लिए जाते हैं।
इसके स्थान पर अब राज्य लोक सेवा आयोग जैसी व्यवस्था को अपनाया जाएगा, जिसमें एक पद के विरुद्ध तीन गुना आवेदक बुलाए जाते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ विभिन्न विभागों के बैकलाग हों या फिर निश्शक्तजनों के लिए आरक्षित पदों की भर्ती, इनको भरने के लिए सरकार वाक इन इंटरव्यू करती है। इसमें भाई-भतीजावाद से लेकर तरह-तरह की शिकायतें होती हैं। पद संख्या कम होने के बाद कई गुना आवेदक बुलाने से अव्यवस्था भी होती है।
इसे देखते हुए तय किया गया है कि वाॅक इन इंटरव्यू के स्थान पर राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा अपनाई जाने वाली एक पद के विरुद्ध तीन गुना आवेदक को साक्षात्कार में बुलाने की व्यवस्था अपनाई जाएगी।
चूंकि, इसमें मेरिट का पालन होता है, इसलिए पारदर्शिता भी रहेगी।
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जून-जुलाई में भर्ती नियम में संशोधन होगा।
साक्षात्कार की नई व्यवस्था का प्रारूप तैयार होगा, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा।

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