मथुरा
वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर की अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की चौथी बैठक वृंदावन में सम्पन्न हुई. यह बैठक माननीय न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद अशोक कुमार, सदस्य जिला और रिटायर्ड सत्र न्यायाधीश मुकेश मिश्रा आदि की अध्यक्षता में आयोजित की गई. इस बैठक में गोस्वामी समाज से चार नामित सदस्य मौजूद रहे जिनकी सहमति से वीआईपी दर्शन की पर्ची को बंद किए जाने पर सहमति हुई.
इस बैठक में सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि अब मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए जारी की जाने वाली विशेष पर्चियां पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी. सभी श्रद्धालु एक ही कतार में समान रूप से दर्शन कर सकेंगे. साथ ही यह भी तय किया गया कि मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार निर्धारित होंगे. यानी प्रवेश केवल एक निर्धारित गेट से ही होगा और बाहर निकलने के लिए अलग गेट का उपयोग किया जाएगा.
मंदिर के समय में भी बदलाव हुआ है. गर्मियों के समय मंदिर में सुबह 7:00 बजे से 7:15 बजे तक आरती होगी, 7:15 के बाद दर्शन शुरू किए जाएंगे और 12:30 बजे तक दर्शन होंगे. उसके बाद दोपहर में 12:30 बजे से 12:45 तक आरती होगी. शाम को मंदिर 4:15 से 9:30 तक दर्शन के लिए खोला जाएगा और रात 9:30 से 9:45 तक फिर से भगवान की आरती होगी. इसी तरह सर्दियों में सुबह 8:00 बजे से 8:15 तक मंदिर में आरती होगी और 8:15 से 1:30 बजे तक श्रद्धालुओं को दर्शन उपलब्ध कराए जाएंगे.
वहीं दोपहर 01:30 बजे से 1:45 तक आरती होगी. शाम को 4:00 से 9:00 तक श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन होंगे और रात 9:00 बजे से 9:15 तक आरती होगी. वहीं दर्शन के लिए लाइव स्ट्रीमिंग पर सभी ने सहमति जताई है इसके साथ ही बांके बिहारी मंदिर के पास कितनी चल अचल संपत्ति है इसके संबंध में 15 दिनों के भीतर विवरण प्राप्त कर समिति के समक्ष रखा जाएगा. 2013 से 2016 तक के समय का विशेष ऑडिट कराया जाएगा. वहीं बांके बिहारी मंदिर के गर्भ ग्रह के बगल में जो कमरा बंद है उसे खोलने की व्यवस्था एक कमेटी जिसमें ऑडिटर सिविल जज एससीएम वृंदावन क्षेत्र अधिकारी वृंदावन और गोस्वामी सदस्यों में से एक होगा. यह कमेटी बनाई गई है जो अपने समकक्ष कैमरा खुलवाएगी और सभी की वीडियोग्राफी कराई जाएगी. साथ ही उक्त की इन्वेंटरी बनाई जाएगी और संयुक्त हस्ताक्षर से समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी.

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