नई दिल्ली
स्वदेशी कंपनी Zoho इन दिनों सुर्खियों में है. हाल ही में कंपनी का इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप Arattai काफी पॉपुलर हुआ है और सरकार भी इसे प्रोमोट कर रही है. अब कंपनी हार्डवेयर स्पेस के लिए बड़ी तैयारी में दिख रही है.
Zoho ने अब पॉइंट ऑफ सेल डिवाइसेज यानी POS मशीन बेचना शुरू कर दिया है. इसमें इंटीग्रेटेड QR डिवाइसेज और साउंड बॉक्स शामिल हैं. भारत में फिलहाल Paytm और PhonePay के POS डिवाइसेज पॉपुलर हैं और ज्यादर रिटेल स्टोर्स पर यही पेमेंट ऑप्शन देखने को मिलता है.
Zoho Payments के तहत लॉन्च किया गया ये POD डिवाइस पेटीएम और फोनपे सहित गूगल पे को कड़ी टक्कर दे सकता है. कंपनी के स्मार्ट POS डिवाइस में टच स्क्रीन इंटरफेस के साथ इनबिल्ट प्रिंटर भी है जो तुरंत रीसीट को प्रिंट कर देता है.
Zoho का पेमेंट टर्मिनल 4G, WiFi और ब्लूटूथ सपोर्ट करता है. इस मशीन के जरिए मर्चेंट्स चिप कार्ड्स, UPI और QR कोड से पेमेंट ले सकते हैं.
Zoho Payment के सीईओ ने कहा है कि ये कंपनी का नेचुरल एक्सपैंशन है जो 2024 में शुरू किया गया था. हालांकि तब सॉफ्टवेयर बेस्ड पेमेंट सल्यूशन था. कंपनी तब से किसी भी डिवाइसेज में ऑनलाइन पेमेंट सपोर्ट देती थी.
अब कंपनी ने हार्डवेयर भी पेश कर दिया है. चूंकि Zoho के पास छोटे बिजनेस मैनेज करने के सभी टूल्स हैं, इसलिए पेमेंट टर्मिनल में भी उनका सपोर्ट देखने को मिलेगा. यानी मर्चेंट्स रियल टाइम पेमेंट ट्रैकिंग से लेकर पूरा लेखा जोखा एक जगह पर पा सकेंगे.
बिजनेसेज के लिए युनिफाइड डैशबोर्ड भी है जहां से पेमेंट्स और बिलिंग की तमाम जानकारी रिटेलर्स और मर्चेंट्स को आसानी से मिल सकेगी. एडवांस्ड सिक्योरिटी के लिए Zoho ने PCI DSS सर्टिफाइड रखा है.
अरट्टई हो रहा है पॉपुलर
WhatsApp भारत में सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है. लेकिन अब Zoho का Arattai ऐप आ चुका है जो स्वदेशी है. इस ऐप पर चैटिंग के अलावा कॉलिंग और मीटिंग जैसे फीचर्स दिए गए हैं.
अब तक चैटिंग में Arattai ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन नहीं दिया है, लेकिन कंपनी ने कहा है कि जल्द ही Arattai के चैट्स में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन दिया जाएगा.
गौरतलब है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन को चैटिंग प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है. इस एन्क्रिप्शन के आ जाने के बाद Arattai पर की गई चैटिंग का डेटा कोई भी ऐक्सेस नहीं कर पाएगा. बिना एन्क्रिप्शन चैटिंग के साथ मुश्किल ये है कि पर्सनल डेटा हैकर्स या खुद कंपनी ऐक्सेस कर सकती है.
WhatsApp में काफी पहले से एंड टू एंड एन्क्रिप्शन है जिसे इंडिपेंडेट सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने कई बार ऑडिट भी किया है. देखना दिलचस्प होगा कि स्वदेशी Arattai कैसे WhatsApp को टक्कर देता है.

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