पटना
आयकर विभाग ने असेसमेंट वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म जारी कर दिया है। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फॉर्म एक व चार को जारी किया गया है। इसके माध्यम से आयकरदाता 50 लाख तक का रिटर्न या संस्थाओं की ओर से रिटर्न दाखिल आसानी से किया जा सकता है। टैक्सपेयर्स अब वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए इन फॉर्म का उपयोग करते हुए रिटर्न दाखिल कर सकते है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से से इन फॉर्म में आवश्यक कई बदलाव किए गए हैं, इससे कुछ मामलों में एलिजिबिलिटी और रिक्वायरमेंट्स से जुड़े हुए चीजों में अंतर देखा जा सकता है। आयकर विभाग की ओर से अलग-अलग टैक्सपेयर्स की इनकम, उसके स्रोत और रेजिडेंशियल स्टेटस के आधार पर अलग-अलग आईटीआर फॉर्म तय किए जाते हैं। ऐसे में आयकर दाखिल करने से पहले यह जानना जरूरी है कि किस टैक्सपेयर को किस फॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए।
सीए रश्मि गुप्ता और सीए आशीष रोहतगी ने दी जानकारी
सीए रश्मि गुप्ता व सीए आशीष रोहतगी ने बताया कि आयकर अधिनियम के तहत एक वित्तीय वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक का एलटीसीजी का लाभ लेने वाले व्यक्ति आईटीआर वन फाइल दाखिल कर सकते हैं। पहले इस मामले में आईटीआर टू फॉर्म दाखिल करना होता था। आयकर विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 50 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्ति, कंपनी या हिन्दू अविभाजित परिवारों की ओर से 2024-25 में प्राप्त हुए आय के लिए आईटीआर दाखिल करेंगे। आटीआर वन सहज तथा आइटीआर फॉर्म चार सुगम करदाताओं के जरूरत के अनुसार है।
सहज फॉर्म का उपयोग वैसे करदाता करेंगे जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है। साथ ही वेतन, एक मकान की संपत्ति, अन्य स्त्रोतों से ब्याज तथा कृषि से आय प्राप्त करता हो। उन्होंने बताया कि सीबीडीटी की ओर से किए गए बदलाव के आलोक में शेयर व म्यूचुअल फंड से लॉन्गटर्म पूंजीगत लाभ लेने वाले वेतनभोगी को लाभ मिलेगा।

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