नई दिल्ली
जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराने वाली स्टार निशानेबाज नीरू ढांडा को एक और बहुत बड़ा सम्मान मिला है। ट्रैप शूटिंग में अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश का सिर गर्व से ऊंचा करने वाली नीरू को 4 अक्टूबर को होने वाले समापन समारोह के लिए भारतीय दल का आधिकारिक ध्वजवाहक चुना गया है। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में नीरू तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुवाई करेंगी।
एक ही एशियन गेम्स में नीरू के नाम रहे तीन-तीन मेडल
आइची-नागोया खेलों में नीरू का सफर बेहद शानदार और यादगार रहा है। उन्होंने प्रतियोगिता में अपने सटीक निशानों के दम पर एक नहीं बल्कि पूरे तीन पदक (दो गोल्ड और एक सिल्वर) भारत की झोली में डाले। नीरू ने अपने पदक अभियान का आगाज महिलाओं की टीम ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीतकर किया था। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में जिस तरह का प्रदर्शन किया उसने उन्हें एशियाई खेलों के इतिहास में अमर कर दिया।
पहला गोल्ड जीतकर बनाया कीर्तिमान
टीम इवेंट में सिल्वर जीतने के बाद नीरू ढांडा का असली जादू व्यक्तिगत स्पर्धा में देखने को मिला। उन्होंने फाइनल में बेहतरीन लय बरकरार रखते हुए गोल्ड पर निशाना साधा। इसके साथ ही वह एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गईं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने भारतीय निशानेबाजी के लिए एक नया अध्याय लिख दिया।
एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा गोल्ड
व्यक्तिगत स्पर्धा में ऐतिहासिक सोना जीतने के बाद भी नीरू का जलवा थमा नहीं। उन्होंने मिक्सड टीम ट्रैप स्पर्धा में साथी निशानेबाज कीनन चेनाई के साथ मिलकर एक और स्वर्णिम सफलता हासिल की। भारतीय जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में 34 का स्कोर बनाकर कतर (32 अंक) को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि चीन (23 अंक) को कांस्य से ही संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में नीरू और कीनन की जोड़ी ने एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड भी कायम किया।

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