भोपाल
प्रदेश सरकार तीन नवंबर को एक बार फिर बाजार से चार हजार करोड़ रुपये का ऋण लेगी। यह तीन किस्तों में अलग-अलग अवधि के लिए लिया जाएगा। इस राशि का उपयोग सिंचाई, बिजली, सड़क और एक्सप्रेस-वे जैसी विकास परियोजनाओं में किया जाएगा।
विकास परियोजनाओं के लिए पूंजीगत निवेश बढ़ाने पर जोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार के ऋण लेने की सीमा 87 हजार करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। अक्टूबर 2026 के दूसरे सप्ताह तक 44 हजार 900 करोड़ रुपये का बाजार ऋण लिया गया है।
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूंजीगत निवेश लगातार बढ़ाया जा रहा है। इस वर्ष यह एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। जो ऋण लिया जा रहा है वह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रावधान की सीमा में है। प्रदेश के ऊपर सवा पांच लाख करोड़ रुपये का ऋण है।

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