लखनऊ
आग की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए छोटी इमारतों का नक्शा पास कराने के नियमों में बदलाव कर दिया गया है। अब 15 मीटर ऊंचाई वाली इमारतों को भी अग्नि सुरक्षा मानकों के दायरे में लाया गया है। अब इनका नक्शा पास कराने वालों को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनकी बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा के सारे इंतजाम होंगे। इसके बाद ही नक्शा पास होगा। तीन महीने में उन्हें अग्नि सुरक्षा का प्रमाण भी देना होगा। अग्निसुरक्षा आडिट भी कराना होगा।
वहीं, बड़ी बिल्डिंग के नक्शे अब अग्निशमन विभाग की वैध फायर एनओसी मिलने के बाद ही जारी किए जाएंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने 28 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। नई व्यवस्था से भविष्य में आग की घटनाओं के दौरान नुकसान को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
छोटी इमारतों में आग की घटनाएं बढ़ने पर सख्ती
अब तक राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) के प्रावधानों के अनुसार 15 मीटर से कम ऊंचाई अथवा 500 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले कई भवनों, विशेषकर होटलों को फायर एनओसी की अनिवार्यता से छूट थी। इसी कारण इन भवनों के लिए अग्नि सुरक्षा संबंधी मानक अपेक्षाकृत शिथिल थे और शपथ पत्र भी नहीं देना पड़ता था लेकिन इन्हें शपथ पत्र देना होगा।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने अपने आदेश में कहा है कि हाल के दिनों में आग की कई गंभीर घटनाएं ऐसी ही कम ऊंचाई वाली इमारतों में हुई हैं। अब ऐसी कम ऊंचाई वाली इमारतों को जांचा जाएगा। जनहित और सुरक्षा को देखते हुए अब इन भवनों के लिए भी अग्नि सुरक्षा के संबंध में निर्धारित प्रारूप पर शपथ पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत इन पर लागू होंगे नए नियम
नई व्यवस्था के तहत असेंबली भवन, व्यावसायिक भवन, संस्थागत, शिक्षण संस्थान, चिकित्सालय, होटल एवं गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट एवं बैंक्वेट हॉल, कोचिंग सेंटर, पुस्तकालय, बैंक, सिनेमा, थियेटर, जिमनेजियम तथा विशेष उपयोग श्रेणी के भवनों को भवन मानचित्र स्वीकृति से पहले अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा शपथ पत्र देना होगा।
भवन मानचित्र स्वीकृति के पहले होगी कड़ी जांच
उपाध्यक्ष ने सभी सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भवन मानचित्र के प्रत्येक प्रकरण में उत्तर प्रदेश अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवा अधिनियम-2022, नियमावली-2024 तथा शासन और प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित कराया जाए। वीसी ने लिखा है कि इसका उद्देश्य शहर मेंबढ़ती अग्निकांड की घटनाओं पर रोक लगाना है।
तीन माह में एनओसी या फायर ऑडिट कराना होगा
एलडीए वीसी ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन भवनों को नियमों के तहत फायर एनओसी की अनिवार्यता नहीं है, उनके स्वीकृति पत्र में यह शर्त दर्ज की जाएगी कि भवन स्वामी स्वीकृति के तीन माह के भीतर या तो अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करेगा अथवा खुद अपने भवन का फायर ऑडिट अग्निशमन संबंधित विभाग से कराएगा।

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