हैदराबाद
तेलंगाना में माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सामने 31 मार्च, 2026 से पहले बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने शुक्रवार आत्मसर्पण कर दिया. अलग-अलग स्तर के कुल 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें संगठन के 3 स्टेट कमेटी मेंबर, 1 रीजनल कमेटी मेंबर, 10 डिवीजनल/डीवाईसीएम स्तर के कैडर, 40 एरिया कमेटी मेंबर और करीब 70 पार्टी मेंबर शामिल बताए जा रहे हैं.
बस्तर मूल के कई माओवादी शामिल
आत्म समर्पण में बड़ी संख्या में बस्तर मूल के माओवादी शामिल हैं. PLGA बटालियन में सक्रिय 42, तेलंगाना स्टेट कमेटी में सक्रिय 30, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 32, 2nd सीआरसी के 16 और केंद्रीय समिति सदस्य देवजी की टीम से जुड़े 10 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है.
130 माओवादियों पर 4.18 करोड़ रुपए का था इनाम
इन माओवादियों के ऊपर 4 करोड़ 18 लाख 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित है. आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने भारी मात्रा में हथियार और युद्ध सामग्री भी सौंप दी. बरामद हथियारों में 1 इंसास एलएमजी, 21 AK-47, 21 इंसास रायफल, 20 एसएलआर, 18 .303 रायफल, 1 नौ एमएम कार्बाइन, 2 नौ एमएम पिस्टल, 2 आठ एमएम बोल्ट-एक्शन रायफल, 18 कंट्री मेड गन और 2 बीजीएल शामिल हैं.
सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. बड़ी संख्या में हुए इस सामूहिक समर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं. सरकार का कहना है कि जो भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई शुरुआत के सभी रास्ते खुले हैं.

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