लखनऊ
यूपी की योगी सरकार सरकारी के बाद प्राइवेट स्कूलों के टीचरों को भी सौगात देने जा रही है। अब इन्हें भी शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिल सकेगा। इससे प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों के लगभग तीन लाख टीचरों को राहत मिल जाएगा। सरकारी और एडेड विद्यालयों के बाद अब 35 हजार निजी स्कूलों के शिक्षकों का भी डाटा मांगा गया है। शिक्षकों व उनके आश्रितों को इसका लाभ दिया जाएगा। वहीं, सरकारी स्कूलों के दस लाख बच्चों को 12-12 सौ रुपए देने की तैयारी भी हो गई है।
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए विकसित पोर्टल http://cmtcts-upsdc-gov-in पर पंजीकरण कराएं। सभी जिलों को प्रोफॉर्मा निदेशालय की ओर से भेजा गया है और उस पर इन शिक्षकों का ब्योरा सत्यापित कर भेजना होगा। शिक्षक खुद और अपने आश्रितों का ब्योरा आधार कार्ड के अनुसार ही भरेंगे।
शिक्षक के आवेदन का प्रथम स्तर पर सत्यापन एवं अनुमोदन के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक को भेजा जाएगा। फिर प्रधानाध्यापक की ओर से शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने और निरन्तर कार्यरत होने की स्थिति में आवेदन का परीक्षण कर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भेजना होगा।
अगर कोई शिक्षक विद्यालय से अपनी नौकरी छोड़ता है तो उसकी जानकारी तत्काल खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को देनी होगी। जिससे शिक्षक को इस योजना से बाहर किया जा सके। अंतिम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आवेदन स्वीकृत होने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण होगी। एक शिक्षक परिवार को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक मुफ्त उपचार की सुविधा दी जाएगी।
ड्रेस व जूते-मोजे खरीदने को मिलेंगे 1200-1200 रुपये
वहीं, सरकारी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे 10 लाख विद्यार्थियों को ड्रेस, जूते-मोजे खरीदने के लिए जल्द 1200-1200 रुपये दिए जाएंगे। अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से यह धनराशि भेजी जाएगी। शिक्षक अभिभावकों को इससे ड्रेस व अन्य सामग्री खरीदने के लिए प्रेरित करेंगे। पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग में वह इसके बारे में पूछताछ भी करेंगे। जिससे सभी विद्यार्थी स्कूल में यूनिफॉर्म पहन कर आएं।
परिषदीय स्कूलों में कुल 1.35 करोड़ विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पहले ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को ड्रेस, जूते-मोजे, स्कूली बैग व स्टेशनरी इत्यादि खरीदने को अभिभावकों के खाते में धनराशि भेजी जा चुकी है। विद्यालयों में हर साल नए विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। कक्षा छह और कक्षा एक में दाखिले के साथ ही अन्य कक्षाओं में भी कई नए छात्र प्रवेश लेते हैं। परिषदीय स्कूलों में नामांकन को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
वहीं नए छात्रों और कुछ पुराने छात्रों जिन्हें पहले किन्हीं कारणों से डीबीटी के माध्यम से यह धनराशि नहीं मिली उन्हें दी जाएगी। 10 लाख छात्रों का डाटा तैयार कर लिया गया है और इन्हें यह राशि जल्द ही भेजी जाएगी। बाकी बचे 15 लाख छात्रों के अभिभावकों के बैंक खाते आधार से लिंक कराने व अन्य दस्तावेज पूरे किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। सत्यापन के बाद इन्हें भी ड्रेस व जूते-मोजे इत्यादि खरीदने को धन दिया जाएगा।

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