लखनऊ हादसे से सबक: इंदौर में कोचिंग संस्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई सेंटर सील

 इंदौर

लखनऊ की कोचिंग में हुए भीषण अग्निकांड हादसे के बाद इंदौर का जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग की दर्दनाक घटना में अब तक 15 लोगों की असमय मौत हो चुकी है। इस बड़े और हृदयविदारक हादसे से सबक लेते हुए इंदौर के प्रशासनिक अमले ने मंगलवार सुबह से ही पूरे शहर के कोचिंग संस्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सुबह होते ही प्रशासनिक अधिकारियों की कई गाड़ियां सड़कों पर उतरीं और अलग-अलग इलाकों में संचालित हो रहे छोटे-बड़े कोचिंग सेंटरों की बारीकी से पड़ताल शुरू की गई।

शहर की बड़ी कोचिंग्स पर एक साथ कार्रवाई
इस विशेष जांच अभियान के दौरान शहर के कई नामी और बड़े कोचिंग संस्थानों पर एक साथ प्रशासनिक छापे पड़े हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इन संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद चौंकाने वाली और गंभीर लापरवाही खुलकर सामने आने लगी। बच्चों की सुरक्षा को पूरी तरह ताक पर रखकर चलाए जा रहे इन संस्थानों पर प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। नियमों का उल्लंघन करने और छात्रों की जान जोखिम में डालने के कारण शहर के कई कोचिंग संस्थानों को मौके पर ही सील कर दिया गया है। अचानक हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे कोचिंग हब में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है।

फायर सिक्योरिटी और सुरक्षा मानकों की खुली पोल
प्रशासनिक टीमों द्वारा की गई इस औचक जांच में कोचिंग संस्थानों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पूरी तरह से पोल खुल गई है। शहर की कई इमारतों में फायर सिक्योरिटी सिस्टम यानी आग बुझाने वाले बुनियादी उपकरणों की भारी कमी पाई गई है। कई जगहों पर तो सुरक्षा के अन्य जरूरी पैमाने भी पूरी तरह से नदारद मिले, जिनमें आपातकालीन निकास की व्यवस्था न होना और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना शामिल है। नियमों की इसी घोर अनदेखी को देखते हुए प्रशासन की टीम ने तत्काल कदम उठाते हुए शहर की सबसे प्रमुख और बड़ी कैटेलाइजर कोचिंग को पूरी तरह से सील कर दिया है। 

कलेक्टर के सख्त आदेश पर शहरभर में सघन जांच जारी
इस पूरी बड़ी कार्रवाई को लेकर इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के विशेष और कड़े आदेश पर प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की कई संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। ये विशेष टीमें इस समय इंदौर शहर के कोने-कोने में फैले हर एक कोचिंग संस्थान की गहराई से जांच कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का साफ कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। 

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