नई दिल्ली
मरीजों के इलाज में कथित लापरवाही और विभिन्न अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागों की संयुक्त टीम ने गुरुवार को अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें कड़े अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। सीएम ने जन सुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत के बाद जांच का आदेश दिया था।
दरअसल मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में सुनवाई के दौरान एक परिवार ने मुख्यमंत्री को शिकायत की थी कि शालीमार बाग क्षेत्र में उनके बेटे को चाकू मारकर घायल कर दिया गया था। उनके बेटे को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने उसका इलाज करने से पहले उनसे पैसे की मांग की। जिसके चलते सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उनके बेटे की मौत हो गई। सीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम की निगरानी में जांच के आदेश दिए थे।
कई विभागों ने अस्पताल में की जांच
सेंट्रल नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डीएम एस एस परिहार की निगरानी में स्वास्थ्य, नगर निगम, अग्निशमन व अन्य विभागों ने अस्पताल की जांच की। टीम ने अस्पताल में मरीजों के उपचार, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतों के आधार पर अस्पताल के विभिन्न विभागों और रिकॉर्ड की पड़ताल की।
अस्पताल में नियमों का उल्लंघन
प्रारंभिक जांच में कई खामियां और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले सामने आए है। इस दौरान बिल्डिंग बायलॉज का दुरुपयोग, अवैध निर्माण, आग बुझाने के सिस्टम में गड़बड़ी, बेसमेंट का मिसयूज और चिकित्सीय नियमों के लिए बनाई गई एसओपी में भी गंभीर लापरवाही पाई गई।
टीम ने की इमरजेंसी विभाग की जांच
टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पाया कि जो युवक चाकू लगने से मारा गया था, वह खुद चलकर इमरजेंसी में पहुंचा था। इससे पता चलता है कि अगर उसका सही समय पर इलाज होता तो उसकी जान बच जाती। टीम ने इमरजेंसी विभाग के रिकॉर्ड की भी जांच की है।
डीएम के अनुसार इन अनियमितताओं व मरीजों के इलाज में बरती गई लापरवाही को ध्यान में रखते हुए अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
अस्पताल ने क्या कहा?
इस बीच अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि फोर्टिस मरीजों की देखभाल के सर्वोच्च मानकों, चिकित्सीय उत्कृष्टता और सभी नियामकीय प्रावधानों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जैसे ही मामले का औपचारिक विवरण हमारे साथ साझा किया जाएगा, हम उसकी समीक्षा करेंगे और संबंधित अधिकारियों को पूरा सहयोग देंगे। मरीजों की सुरक्षा और उनका स्वास्थ्य हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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