नई दिल्ली
टैरिफ दबाव और ग्लोबल टेंशन के बावजूद भारत एक्सपोर्ट सेक्टर में तरक्की कर रहा है. दिसंबर महीने के दौरान भारत ने शानदार उछाल दर्ज की है. वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने चीन को निर्यात करने के मामले में गजब की तेजी दिखाई है.
सिर्फ दिसंबर महीने में भारत का चीन को निर्यात साल-दर-साल आधार पर 67.35% बढ़कर 2.04 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इस महीने में भारत ने चीन को सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री और कृषि उत्पादों की खेप भेजी है. इसके अलावा, तेल आधारित खाद्य पदार्थों, समुद्री उत्पादों, दूरसंचार उपकरणों और मसालों के निर्यात में भी तेज ग्रोथ देखी गई है.
अप्रैल से दिसंबर तक भारत का चीन को एक्सपोर्ट
वहीं अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान भी चीन को मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में अच्छी उछाल रही है, जो पिछले साल इसी अवधि में 10.42 अरब डॉलर से बढ़कर 14.25 अरब डॉलर हो गया. इसी तरह, दिसंबर महीने में भी साल दर साल के आधार पर ज्यादा तेजी आई है, लेकिन नंबर की तुलना में दिसंबर में थोड़ा एक्सपोर्ट कम हुआ है. वहीं अप्रैल से नवंबर तक के भारत का चीन को एक्सपोर्ट $12.22 बिलियन (करीब ₹1 लाख 85 करोड़) रहा.
साल 2025 में चीन को भारत का एक्सपोर्ट
साल 2025 के दौरान भी भारत का चीन को एक्सपोर्ट में इजाफा हुआ है. चीनी सीमा शुल्क के सालाना आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत से चीन को कुल निर्यात लगभग $19.75 बिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 9.7 फीसदी की उछाल है.
भारत ने क्या-क्या चीजें चीन को भेजा?
भारत ने सबसे ज्यादा चीन को पेट्रोलियम उत्पाद (Petroleum Products) भेजा है. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे मोबाइल और फोन के पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, OLED फ्लैट-पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल्स, एल्यूमिनियम और स अल्युमिनियम उत्पाद, सल्फर एवं रासायनिक कच्चा माल, कुछ एग्री प्रोडक्ट्स और फूड आइट्मस आदि शामिल है. समुद्री उत्पादों का निर्यात भी चीन तक बढ़ा है. इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में, प्रमुख वस्तुओं में प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल और टेलीफोनी के लिए अन्य विद्युत उपकरण में मजबूत बढ़ोतरी हुई है.
चीन के साथ व्यापार घाटा भी बढ़ा
आंकड़ों के अनुसार दिसंबर महीने में चीने से आयात 20 फीसदी बढ़कर 11.7 अरब डॉलर हो गया है. चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से दिसंबर के दौरान, भारत का चीन को निर्यात 36.7% बढ़कर 14.24 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 13.46% बढ़कर 95.95 अरब डॉलर हो गया. इसके चलते नौ महीने की अवधि में चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़कर 81.71 अरब डॉलर हो गया.

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