राफेल और C-17 संग भारत की एंट्री, 20 देशों का बड़ा युद्धाभ्यास

नई दिल्ली
 भारतीय वायुसेना (IAF) के ताकतवर 4 राफेल फाइटर जेट और 2 मालवाहक C-17 ट्रांसपोर्ट विमान शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं। वे एक मल्टीनेशनल एक्सरसाइज में हिस्सा लेंगे, जिसमें क्वॉड पार्टनर अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया समेत 20 देश शामिल हैं। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया क्वॉड के सदस्य हैं, जो खुले और आजाद हिंद प्रशांत और प्रशांत क्षेत्र की वकालत करते हैं। इस इलाके में चीन अपने पांव पसार रहा है, जिसे देखते हुए यह अभ्यास अहम माना जा रहा है। यहां राफेल फाइटर जेट्स अमेरिका के पांचवी पीढ़ी के फाइटर F-35 के साथ युद्धाभ्यास करते हुए दिख सकते हैं।

20 जुलाई से 17 अगस्त तक पिच ब्लैक 2026 अभ्यास
ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी तट पर 20 जुलाई से 17 अगस्त तक होने वाले 'पिच ब्लैक 2026' अभ्यास में 100 से ज्यादा विमान शामिल होंगे। IAF ने कहा, 'यह अभ्यास आपसी तालमेल और ऑपरेशनल सहयोग को मज़बूत करने के लिए एक अनोखा मंच देता है। इससे ऑपरेशनल तालमेल बेहतर होगा और बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी।'

IAF की टीम ने इस अभ्यास के लिए चार राफेल जेट, दो C-17 ट्रांसपोर्ट विमान और 120 कर्मियों को तैनात किया है। सोशल मीडिया एक्स पर ऑल इंडिया रेडियो न्यूज ने यह जानकारी शेयर करते हुए बताया-भारत के Rafale फाइटर एयरक्राफ्ट और C-17 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स की प्रमुख मल्टीनेशनल एयर कॉम्बैट एक्सरसाइज़ Pitch Black 2026 में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए हैं।
    कैनबरा में भारत के हाई कमीशन ने कहा कि यह तैनाती, दोस्ताना देशों के साथ डिफेंस पार्टनरशिप को मज़बूत करने और ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाती है।

तीन हफ्ते तक युद्ध जैसे हालातों पर अभ्यास
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह 'क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने की क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को मजबूत करेगा'। मंत्रालय ने बताया कि यह रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभ्यास है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े मिलिट्री ट्रेनिंग इलाकों में से एक में तीन हफ्ते तक जटिल और युद्ध जैसी स्थितियों का अभ्यास किया जाएगा।

20 देशों के 100 फाइटर जेट ले रहे हिस्सा
रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स ने बताया कि डार्विन, टिंडल और एम्बरली एयर बेस पर होने वाले इस अभ्यास में 20 देशों के 2,500 सैनिक और 100 तक जेट विमान शामिल होंगे।
'पिच ब्लैक 2026' में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के विमान शामिल होंगे। साथ ही, न्यूजीलैंड, फिजी, कनाडा, ब्रुनेई, मलेशिया, फिनलैंड और स्वीडन के सैनिक भी इस अभ्यास का हिस्सा बनेंगे।
यह हमारे सहयोगियों और मित्र देशों के साथ मिलकर की जाने वाली सबसे बड़ी सामूहिक ट्रेनिंग एक्सरसाइज है।

यह ऐसी जगह, जहां मिलकर बनाते हैं प्लानिंग
    'पिच ब्लैक 2026' के अभ्यास कमांडर एयर कमोडोर मैथ्यू मैककॉर्मिक ने कहा-यह एक ऐसी जगह है जहां हम मिलकर योजना बनाते हैं, मिलकर लड़ते हैं और वास्तविक व जटिल प्रशिक्षण स्थितियों के माध्यम से एक-दूसरे से सीखते हैं।
    उन्होंने आगे कहा कि इस साल का अभ्यास 2024 के अनुभवों पर आधारित होगा और विशाल मिलिट्री ट्रेनिंग एयरस्पेस के कारण यह हमारे सहयोगियों के बीच एक बहुत पसंद की जाने वाली गतिविधि बनी हुई है।

भारतीय उच्चायोग ने भी जता दी बड़ी खुशी
वहीं, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को X पर पोस्ट करते हुए कहा, 'रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फ़ोर्स के प्रमुख एयर कॉम्बैट अभ्यास 'पिच ब्लैक 2026' में भाग लेने के लिए डार्विन पहुंचे भारतीय वायु सेना के दल का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है। इस दल में चार राफेल और दो C-17 विमानों के साथ 120 से अधिक एयर वॉरियर्स शामिल हैं।'

 

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