खबर का असर: 5.50 करोड़ के निर्माण कार्यों की जांच के निर्देश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
विलगांव चौधरी पंचायत के 33 निर्माण कार्यों का मामला; खबर प्रकाशित होने के बाद जनपद सीईओ ने गठित की जांच टीम
मुरैना
विलगांव चौधरी ग्राम पंचायत में करीब 5.50 करोड़ रुपये के 33 निर्माण कार्यों को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद जनपद पंचायत के सीईओ ने जांच टीम गठित कर निर्माण कार्यों की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने खबर देखी है और उसमें जिन निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया है, उनकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि विलगांव चौधरी ग्राम पंचायत में पेरीफेरल स्टोन बंड, रपटा निर्माण और तालाब-कम-पोखर सहित 33 निर्माण कार्यों की सूची सामने आने के बाद उनकी वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए गए थे। इन कार्यों की लागत करीब 5.50 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप थे कि कुछ निर्माण कार्य मौके पर मौजूद नहीं हैं, कुछ अधूरे हैं और कुछ की गुणवत्ता पर सवाल हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बाक्स –
खबर के बाद हरकत में आया विभाग
इस मामले में पहले जनपद सीईओ का बयान सामने आया था कि शिकायतकर्ता शिकायत करेगा, तभी कार्रवाई होगी। इसके बाद निर्माण कार्यों के सत्यापन और जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठे थे। अब खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने जांच टीम गठित किए जाने की जानकारी दी है। इससे संबंधित निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
बाक्स –
जांच में सामने आएगी निर्माण कार्यों की हकीकत
अब जांच टीम के सामने यह पता लगाने की चुनौती होगी कि स्वीकृत कार्यों में से कितने मौके पर पूरे हुए हैं, कितने अधूरे हैं और निर्माण की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की माप पुस्तिका, स्वीकृति आदेश, बिल-वाउचर और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान भी महत्वपूर्ण होगा।
बाक्स –
दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि जांच टीम कितने समय में मौके पर पहुंचकर सत्यापन पूरा करती है और जांच रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

More Stories
दिवाली पर इमरजेंसी से निपटने के लिए भोपाल अलर्ट, JP अस्पताल में बर्न यूनिट तैयार
अभ्युदय-2026 सम्मेलन का आगाज करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, HR और CSR क्षेत्र पर रहेगा फोकस
इंदौर में जुटेंगे संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, 28 अक्टूबर से शुरू होगी अखिल भारतीय बैठक