लखनऊ
यूपी के हर जिलों से लगातार रोडवेज कर्मी शिकायत कर रहे थे कि बस अड्डों के आस पास से ही प्राइवेट नम्बर वाली गाड़ियां सवारी बिठा लेती हैं, जिसके कारण बसों में सवारी पर्याप्त नहीं हो पाती और यूपीएसएटीसी घाटे में चल रहा है. ऐसे में लखनऊ में सवारी ढो रहे प्राइवेट वाहनों को पकड़े जाने के बाद कमर्शियल टैक्स वसूली करने के निर्देश जारी किए गए है.
बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम लगातार कम सवारी होने के कारण घाटे में चलने की बात कहता है, जबकि बसों में कम सवारी होने पर उसका खामियाजा बस कंडक्टर और ड्राइवर को उठाना पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए और राजस्व में इजाफा करने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि अब निजी गाड़ियों से सवारी ढोने पर कमर्शियल टैक्स या पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा.
वहीं अब निजी वाहन में सवारी बिठाने पर कमर्शियल टैक्स लगेगा. इसके साथ ही वाहन का पंजीकरण भी कमर्शियल में कराना अनिवार्य होगा. नियम को सख्त बनाते हुए विभाग ने जब से वाहन खरीदा तब से कमर्शियल टैक्स वसूलने की भी बात कही है. ऐसे में कोई सवारी ढोता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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