न्यूयॉर्क
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एस्ट्रोनॉट्स की कड़ी ट्रेनिंग की एक झलक दिखाई है। उन्होंने नासा के मल्टी-एक्सिस ट्रेनर (मैट) स्पेस सेंटर से एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में शुभांशु शुक्ला कुछ खास मशीनों के साथ दिखाई देते हैं। ऐसी ही एक मशीन है, जिस पर एस्ट्रोनॉट्स को लगातार घुमाया जाता है। असल में स्पेस में अगल-अलग तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन्हें काफी कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। शुभांशु शुक्ला ने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए इसके कैप्शन में लिखा है, ‘लेट्स गेट स्पिनिंग।’
दिखाई वॉमिट कॉमेट चेयर
शुभांशु शुक्ला ने जिस मशीन का वीडियो दिखाया है, उसे ‘वॉमिट कॉमेट चेयर’ कहा जाता है। यह एक तरह का सिम्यूलेटर है। इसमें ट्रेनिंग लेकर अंतरिक्ष यात्री स्पेस में होने वाली चीजों को महसूस कर सकता है। इसमें तीन रिंग्स लगी होती हैं, जो घूमती रहती हैं। जब एक एस्ट्रोनॉट अपनी सीट से बंधा होता है, तो रिंग कई दिशाओं में घूमती है।
ऐसा इसलिए किया जाता है कि अगर कभी अंतरिक्ष यान अस्थिर हो जाए तो उस दौरान होने वाला अनुभव अंतरिक्ष यात्री महसूस कर सके। साथ ही वह ऐसे हालात में अपने ऊपर नियंत्रण बनाए रखने में भी सफल रहे और ध्यान केंद्रित कर सके।
नील आर्मस्ट्रांग का बताया अनुभव
अंदर की जानकारी देते हुए शुभांशु शुक्ला बताते हैं कि मैं मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर के मैट में हूं। इस ट्रेनर का उपयोग मर्करी एस्ट्रोनॉट्स को ऑर्बिट के अनुभवों को देने के लिए किया गया है। इसके बाद उन्होंने बताया कि नील आर्मस्ट्र्रांग को जेमिनी 8 मिशन के दौरान समस्याएं आई थीं। तब थ्रस्टर में समस्या होने के चलते काफी ज्यादा घुमाव हो रहे थे। उन्होंने बाद में मैनुअल तरीके से स्पेसक्राफ्ट पर नियंत्रण पाया था।

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