नई दिल्ली
दुनिया भर के दिग्गज नेताओं के बीच दावोस में 'बोर्ड ऑफ पीस' के गठन में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी सेहत को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। समारोह के दौरान उनके बाएं हाथ पर गहरे नीले रंग के निशान देखे गए, जिससे सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनकी सेहत को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए इसे एक मामूली घटना बताया है। हाथ पर मौजूद निशानों को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह चोट केवल एक दुर्घटना का परिणाम है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। मेरा हाथ टेबल के कोने से टकरा गया था। मैंने इस पर थोड़ा सा मरहम लगाया है। डॉक्टर कहते हैं कि मुझे कुछ भी लेने की जरूरत नहीं है, लेकिन मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।" ट्रंप ने इन निशानों का संबंध अपनी नियमित दवाओं से भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि वह अपने दिल की सेहत के लिए रोजाना 325 मिलीग्राम की बड़ी एस्पिरिन लेते हैं। ट्रंप के अनुसार, इस दवा की वजह से त्वचा संवेदनशील हो जाती है और हल्का सा टकराने पर भी नीला निशान पड़ जाता है।
उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, "मैं चाहता हूं कि मेरे दिल में खून का बहाव अच्छा और पतला रहे। अगर आप अपना दिल अच्छा रखना चाहते हैं तो एस्पिरिन लें, लेकिन इसके साथ थोड़े नीले निशान सहने के लिए भी तैयार रहें।"
वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी राष्ट्रपति के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम के दौरान ट्रंप का हाथ मेज के कोने से टकरा गया था। अधिकारियों ने राष्ट्रपति की पहले और बाद की तस्वीरें साझा करते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि यह निशान अचानक लगी चोट का ही हिस्सा है।
ट्रंप के निजी चिकित्सक डॉ. सीन बारबाबेला ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति प्रतिदिन 325 मिलीग्राम एस्पिरिन लेते हैं। मेयो क्लिनिक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के अनुसार, दिल की सुरक्षा के लिए आमतौर पर 75 से 100 मिलीग्राम की खुराक पर्याप्त मानी जाती है। अधिक खुराक से रक्त अधिक पतला हो जाता है, जिससे चोट लगने पर निशान पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

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