नई दिल्ली
दिल्ली के व्यस्त भैरों मार्ग और रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर का आखिरी अंडरपास (अंडरपास-5) जल्द पूरा होने की राह पर है। मुख्य टनल और पांच अंडरपास तो जून 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन कर दिया था, लेकिन ये छठा हिस्सा तकनीकी दिक्कतों और बाढ़ की वजह से रुका हुआ था। अब केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने से काम दोबारा शुरू हो सकता है।
2023 के मॉनसून में भारी बारिश और यमुना के करीब होने से कंक्रीट बॉक्स धंस गए। ऊपर तीन एक्टिव रेलवे ट्रैक होने से निर्माण सिर्फ रात के कुछ घंटों में ही संभव था। काम साल 2023 से ठप पड़ा था। PWD ने IIT दिल्ली और IIT बॉम्बे से सलाह ली। पहले 'कट एंड कवर' तरीका सुझाया गया, जिसमें ट्रैक हटाने पड़ते, लेकिन रेलवे ने लंबे ब्लॉक की इजाजत नहीं दी।
नया प्लान क्या है?
PWD ने संशोधित डिजाइन बनाया, जिसमें ऊंचाई 5.5 मीटर से घटाकर 3.9 मीटर और चौड़ाई 11.5 मीटर से 6.25 मीटर की गई। तीन लेन की जगह दो लेन, और सिर्फ हल्के वाहनों (कार, बाइक) के लिए। 'कास्ट इन-सिटू' तरीके से काम होगा, बिना धंसे बॉक्स को छेड़े। जून 2025 में MoHUA ने इसे मंजूरी दी। अब रेलवे से अंतिम क्लियरेंस का इंतजार है।
ट्रैफिक को कितनी राहत मिलेगी?
ये 110 मीटर का अंडरपास पूरा होने पर भैरों मार्ग से रिंग रोड की दिशा में सीधा ट्रैफिक चलेगा। फिलहाल एक तरफ का दो-लेन हिस्सा ही चल रहा है, दूसरी दिशा में वाहनों को यू-टर्न लेना पड़ता है। पूरा होने पर सराय काले खां से कश्मीरी गेट तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी मिलेगी। रोजाना लाखों वाहनों को फायदा होगा। बाकी 28 मीटर का काम पूरा करने में करीब 8 महीने लग सकते हैं।

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