August 16, 2026

अब हवा से बनेगा पीने का पानी, रेलवे और कॉलोनियों में शुरू होगी नई तकनीक

प्रयागराज
 रेलवे अब पानी की कमी वाले क्षेत्रों में हवा से पीने का पानी तैयार करने वाली आधुनिक मशीनें लगाएगा। रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे समेत सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और रेलवे उपक्रमों को एटमॉस्फेरिक वाटर जेनरेटर (एडब्ल्यूजी) लगाने के निर्देश जारी किए हैं।रेलवे बोर्ड के निदेशक (पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन) अजय झा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कई स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता अब भी बड़ी चुनौती है। एडब्ल्यूजी तकनीक वातावरण में मौजूद नमी से सीधे पीने योग्य पानी तैयार करती है। यह पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ समाधान है।

इन मशीनों को पानी की कमी वाले रेलवे स्टेशन, अस्पताल, रेलवे कॉलोनी, कार्यालय, लेवल क्रॉसिंग और अन्य सेवा स्थलों पर लगाया जाएगा, जहां नियमित पेयजल आपूर्ति की जरूरत है। रेलवे बोर्ड ने पूर्व निर्देशों का हवाला देते हुए इस दिशा में आगे कार्रवाई करने को कहा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक से पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। गर्मी और जल संकट वाले क्षेत्रों में यह पहल यात्रियों और कर्मचारियों के लिए राहत साबित हो सकती है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों का पालन किया जाएगा।

Spread the love