लोरमी.
अक्सर राजनीति में ऊंचे पदों पर बैठे चेहरों के इर्द-गिर्द सुरक्षा का अभेद्य घेरा और सायरन बजाती गाड़ियाँ दिखाई देती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस ‘वीआईपी दीवार’ को ढहाकर एक नई मिसाल पेश की है।
आज उप मुख्यमंत्री का एक ऐसा अंदाज दिखा, जिसने यह साबित कर दिया कि वे पद से नहीं, बल्कि दिल से जमीन से जुड़े नेता हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव आज औचक निरीक्षण पर निकले थे, लेकिन उनका तरीका किसी को भी चौंकाने वाला था। अपनी चमचमाती सरकारी गाड़ी और प्रोटोकॉल को छोड़, डिप्टी सीएम ने एक आम नागरिक की तरह स्कूटी उठाई और खुद हैंडल संभालकर गलियों में निकल पड़े।
रास्ते में जो भी मिला अरुण साव ने उनसे सीधा संवाद किया। स्कूटी रोककर बुजुर्गों का हाल जाना और युवाओं से विकास कार्यों पर फीडबैक लिया। जनता के बीच यह चर्चा का विषय है कि एक उपमुख्यमंत्री का इतना सहज और सरल होना लोकतंत्र की खूबसूरती को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों को समय से गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

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