नई दिल्ली
कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र के गाजा से जुड़े प्रस्ताव पर विचार न करने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार के निर्णय को शर्मनाक और निराशाजनक बताया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह शर्मनाक और निराशाजनक है कि हमारी सरकार ने गाजा में नागरिकों की सुरक्षा, कानूनी और मानवीय दायित्वों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर विचार न करने का फैसला किया है। 60,000 लोग, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं, वे पहले ही मारे जा चुके हैं और एक पूरी आबादी को बंधक बनाकर भूख से मारा जा रहा है। मगर, हम कोई कदम उठाने से इनकार कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "यह हमारी औपनिवेशिक-विरोधी विरासत का दुखद उलटफेर है। वास्तव में, न केवल हम नेतन्याहू द्वारा पूरे देश को नष्ट किए जाने पर चुप खड़े हैं, बल्कि हम उनकी सरकार द्वारा ईरान पर हमला किए जाने और उसके नेतृत्व की हत्या के प्रयासों पर खुशी मना रहे हैं, जो उसकी संप्रभुता का घोर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय नियमों की पूर्ण अवमानना है।"
प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार से सवाल पूछते हुए कहा, "हम, एक राष्ट्र के रूप में अपने संविधान के मूल्यों और स्वतंत्रता संग्राम के सिद्धांतों को कैसे त्याग सकते हैं, जिन्होंने शांति और मानवता पर आधारित अंतरराष्ट्रीय मंच का मार्ग प्रशस्त किया था? इसका कोई औचित्य नहीं है। सच्चा वैश्विक नेतृत्व न्याय की रक्षा करने के साहस की मांग करता है, भारत ने अतीत में यह साहस निरंतर दिखाया है।"
उन्होंने कहा, "एक तेजी से विभाजनकारी दुनिया में हमें मानवता के लिए अपनी आवाज को फिर से उठाना होगा और सत्य व अहिंसा के लिए निडर होकर खड़ा होना होगा।"
बता दें कि इजरायल-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को इजरायल में आवासीय इमारतों पर मिसाइल हमले किए गए, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा 34 लोग घायल हो गए। इस बीच, सुरक्षा परिषद ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के शीर्ष अधिकारी को चेतावनी दी है कि न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमलों के 'गंभीर परिणाम' हो सकते हैं।

More Stories
चुनावी झटके के बाद बदला राजनीतिक गणित, कांग्रेस के सहयोगी ही सरकार के लिए बने मददगार
अंडे-पत्थर फेंकने की घटना पर विवाद, सोनारपुर हमले की जांच में जुटी पुलिस
अभिषेक बनर्जी पर हमले की जांच तेज, वीडियो के आधार पर 5 लोग गिरफ्तार