नागपुर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को नागपुर हिंसा को लेकर वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की. इसके बाद उन्होंने कहा कि नागपुर हिंसा को लेकर झूठा प्रचार किया गया कि कुरान की आयत जलाई गई, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई.
सीएम ने आगे कहा, "हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे. खासकर पुलिसकर्मियों पर जिन लोगों ने हमला किया है, उन्हें हम नहीं छोड़ेंगे."उन्होंने कहा, "दंगाइयों से हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई की जाएगी. उनकी प्रोप्रटी भी जब्त की जाएगी." सीएम फडणवीस ने बुलडोजर एक्शन को लेकर कहा कि जहां चलाने की आवश्यकता होगी, वहां बुलडोजर चलाया जाएगा. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
किसको कितना मुआवजा मिलेगा?
नागपुर में जिला प्रशासन ने इसके साथ ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जिन लोगों के वाहनों का पूरी तरह से नुकसान हुआ है, उन्हें ₹50,000 का मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा जिन गाड़ियों को कम नुकसान हुआ है, उनके लिए ₹10,000 का मुआवजा निर्धारित किया गया है। जो लोग बीमा का लाभ उठा चुके हैं, उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा। दंगे के दौरान जिनकी संपत्तियों को नुकसान हुआ, उनके पंचनामा की प्रक्रिया अब शुरू की जा चुकी है। प्रशासनिक कर्मचारी और अधिकारी घर-घर जाकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सभी का लेखा-जोखा तैयार कर रहे हैं।
किस अफवाह ने नागपुर को आग में झोंका?
बता दें कि नागपुर में हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पवित्र आयत लिखी चादर जलाई गई थी। हिंसा के इस मामले में अब तक कुल 105 लोग पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक, नागपुर हिंसा के सिलसिले में 10 किशोर भी हिरासत में लिए गए हैं। बता दें कि हिंसा के दौरान DCP स्तर के 3 अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी एवं ‘माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी’ की शहर इकाई प्रमुख फहीम खान और 5 अन्य के खिलाफ राजद्रोह और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

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