भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिल्ली के लाल किले पर सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन ऐतिहासिक होगा। आज दिल्ली और मध्यप्रदेश के संबंधों का नया अध्याय लिखा जाएगा। भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र, विक्रमोत्सव के अंतर्गत विक्रम संवत के प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित महानाट्य की प्रथम प्रस्तुति, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री संस्कृति एवं पर्यटन गजेन्द्र सिंह शेखावत की गरिमामय उपस्थिति में होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का सुशासनकाल आज भी भारत के सभी राज्यों में सम्मान के साथ याद किया जाता है। उनके शौर्य, पराक्रम, वीरता, ज्ञानशीलता, दानवीरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहल ने शासन संचालन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। बेताल पच्चीसी, सिंहासन बत्तीसी सहित विक्रमादित्य की वीरता की गाथाएं आज भी याद की जाती हैं। संस्कृति मंत्रालय, दीनदयाल शोध संस्थान और दिल्ली सरकार के सहयोग से कलाकारों ने सम्राट विक्रमादित्य के काल को जीवंत करते हुए उनके सुशासन की झलक दिखाने का प्रयास किया। यह मंचन दिल्ली के लाल किले में 13 और 14 अप्रैल को भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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