August 18, 2026

समूह से ऋण लेकर उच्च नस्ल के दूधारू पशुओं को खरीदा, 80 लीटर प्रति दिन दूध उत्पादन कर रही श्रीमती कुर्मी

सागर
सागर जिले के ग्राम आमेट की रहने वाली श्रीमती सीमा कुर्मी ने अपने परिवार की खुशहाली के लिए कड़ी मेहनत और साहस का परिचय दिया है। पहले उनके पास सिर्फ 6 देशी नस्ल की भैंसें थीं, जिनसे वे प्रतिदिन 12 लीटर दूध बेचकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। लेकिन श्रीमती सीमा की हमेशा से एक बड़ी ख्वाहिश थी अपने परिवार को आगे बढ़ाना।

समूह से जुड़कर उन्होंने अपने प्रयासों को और बढ़ाया। उन्होंने ऋण की मदद से आय मूलक गतिविधियों की शुरुआत की। परिवार की सामूहिक मेहनत ने रंग लाना शुरू किया और धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा। उन्होंने 7 लाख 50 हजार रुपये का ऋण लेकर आलू और प्याज की खेती का विस्तार किया। इसके साथ ही, उन्होंने उच्च नस्ल के दूधारू पशुओं को खरीदा और पक्की गौशाला का निर्माण कराया।

अब श्रीमती सीमा के पास 15 दुधारू भैंसों के अलावा 35 अन्य पशु भी हैं। उनके पशुओं के लिए उत्तम आहार की व्यवस्था भी की गई है, जिसके लिए वे आलू और प्याज की फसल के साथ वरसीम और चारा उगाती हैं। वर्तमान में, उनका दूध उत्पादन 80 लीटर प्रति दिन से अधिक हो गया है।

श्रीमती सीमा की मेहनत ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से सक्षम बनाया, बल्कि उन्हें अपने परिवार के लिए बेहतर जीवनस्तर भी प्रदान किया। उनके घर में चार मोटर साइकिलें हैं और उनके बेटे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे है।  उन्होंने 02 पक्के मकान की भी निर्माण किया है, जो उनके स्थिरता और विकास का प्रतीक है।

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