भोपाल
भोपाल की मध्य विधानसभा से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की मान्यता के मामले में डीजीपी कैलाश मकवाना ने तीन सदस्यीय जांच दल (SIT) गठित किया है। यह जांच दल फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता के मामले में जांच करेगा। हाई कोर्ट की डबल बेंच के निर्देश के बाद डीजपी कैलाश मकवाना ने SIT का गठन संजीव शमी एडीजी (टेलीकॉम) के नेतृत्व मे किया गया है जिसमें डी. कल्याण चक्रवर्ती डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज और निमिशा पांडे एआईजी (प्रशिक्षण) पीएचक्यू भोपाल को शामिल किया गया है। एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व मे बनाई गई SIT जाली दस्तावेजों के माध्यम से विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता के मामले की जांच करेगी।
बता दें हाईकोर्ट ने प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने और डीजीपी कैलाश मकवाना को विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद पुलिस ने विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। साथ ही अब डीजीपी ने हाईकोर्ट के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय SIT का नेतृत्व एडीजी कम्युनिकेशन संजीव शमी करेंगे।
दो बार फर्जी सेल डीड का इस्तेमाल
आरोप है कि अमन एजुकेशन सोसाइटी के सचिव रहते हुए आरिफ मसूद ने कॉलेज की मान्यता के लिए दो बार फर्जी सेल डीड जमा की थी। यह दस्तावेज़ साल 2004 और 2005 के बीच पेश किए गए थे। करीब 20 साल तक इस फर्जीवाड़े की जांच नहीं हुई और आखिरकार सब-रजिस्टार परी बाजार, भोपाल की रिपोर्ट के बाद मामला उजागर हुआ।

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