पुरी
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का शुभारंभ आज शुक्रवार को भारी उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हुआ. इस बार इंद्रदेव भी मेहरबान नजर आ रहे हैं. यात्रा शुरू होने से पहले झमाझम बारिश हुई, लेकिन इसके बावजूद भक्तों की श्रद्धा में कोई कमी नहीं है. हजारों लोग सड़कों पर नजर आए. ओडिशा के पुरी शहर में भारी बारिश और कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की रथ यात्रा के अनुष्ठान शुरू हो गए हैं. इस रथ यात्रा को देखने के लिए मंदिर के ‘बड़ा डंडा' (यात्रा मार्ग) पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही एकत्र होने शुरू हो गए. प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और रथों के गुजरने वाले रास्ते पर जल-जमाव की समस्या से निपटने के लिए कदम उठाए हैं. पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
सिंहद्वार तक पहुंचाए गए भगवान के तीनों रथ
रथ यात्रा से पहले पारंपरिक 'आज्ञामाला' रस्म संपन्न किया गया. इसके बाद भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष, भगवान बलभद्र के तालध्वज और देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ को श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार के सामने लाया गया. इस दौरान मंदिर के सेवायत और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ इस धार्मिक परंपरा में शामिल हुए।
रथखला से मंदिर तक निकाले गए पवित्र रथ
ओडिशा के पुरी में सालाना जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले 'आज्ञानमाला' रस्म के बाद भक्त भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों रथों को श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार तक खींचते हुए. लाखों श्रद्धालु इन दिव्य रथों के दर्शन करने के लिए पुरी पहुंच रहे हैं।
रेत पर दिखी भगवान जगन्नाथ की अद्भुत झलक
रथ यात्रा की पूर्व संध्या पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर सैंड आर्टिस्ट और पद्म श्री से सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने पुरी बीच पर भगवान जगन्नाथ की आकर्षक रेत आकृति बनाई. इस कलाकृति की खास बात यह रही कि इसके साथ रेत से बने 100 छोटे-छोटे रथ भी तैयार किए गए. इस अनोखी कला को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग बीच पर पहुंच रहे हैं।
धाड़ी पहांडी परंपरा के साथ निकले श्री सुदर्शन
रथ यात्रा के धार्मिक अनुष्ठानों के तहत भगवान के चक्रराज श्री सुदर्शन को पारंपरिक 'धाड़ी पहांडी' शोभायात्रा के जरिए दर्पदलन रथ तक ले जाया गया. इस दौरान मंदिर परिसर 'जय जगन्नाथ' के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।
यात्रा से पूर्व सुरक्षा के लिए किया गया मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल
रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. यात्रा से पहले एनडीआरएफ, ओडिशा फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, सेंट जॉन एम्बुलेंस, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, पुलिस और अन्य स्वयंसेवी संगठनों ने संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल की. इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से तेजी से निपटने की तैयारी करना था।

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