October 30, 2026

‘मोदी को बदनाम करने के लिए देश में अराजकता फैलाने की कोशिश’, प्रधानमंत्री का विपक्ष पर निशाना

बनासकांठा 

गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि खेती हमारे देश की परंपरा भी है और संस्कृति भी है। पिछले 12 वर्षों में हमारी सरकार ने इसमें विज्ञान और तकनीक का व्यापक समावेश किया है। इसका उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि सॉइल हेल्थ कार्ड इसका बड़ा उदाहरण है। पहले किसान को यह पता लगाने में मुश्किल होती थी कि उसके खेत को कौन सी खाद चाहिए और कितनी मात्रा में चाहिए। सॉइल हेल्थ कार्ड ने इसका समाधान किया है। आज 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड हमारे किसानों के पास हैं। इससे खेती के तौर-तरीकों में आधुनिकता आई है।

उन्होंने कहा कि किसान के लिए मौसम में हो रहा बदलाव बहुत बड़ी चुनौती है, इसलिए सरकार का प्रयास है कि किसान को लगातार नई किस्म के बीज उपलब्ध हों, जो जलवायु के अनुकूल हों। बीते वर्षों में बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में किसानों को उपलब्ध कराई गई हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पशुपालन हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है और इसमें महिलाओं की बहुत बड़ी भागीदारी है। बीते दशक में हमने पशुपालन में भी वैज्ञानिकता पर जोर दिया है, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़े। आप राष्ट्रीय गोकुल मिशन के बारे में जानते हैं, इसके तहत देशी नस्लों के वैज्ञानिक प्रजनन और संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बनासकांठा में बना रिसर्च सेंटर इस मिशन को और मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि आईवीएफ जैसी आधुनिक तकनीक इसमें मदद करती है।

पीएम ने कहा, "पशुओं को बीमारी से बचाना भी हमारी प्राथमिकता है। हमने देश में पशुओं के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू किया। अब तक 150 करोड़ टीके पशुओं को लगाए जा चुके हैं। 8 करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को मुफ्त टीके लगे हैं। इससे पशुपालकों के खर्च का बोझ भी कम हुआ है।

"इन प्रयासों का असर दुग्ध उत्पादन में भी दिख रहा है। वर्ष 2013-14 में एक गाय या भैंस से औसतन एक दिन में 5 लीटर से भी कम दूध मिलता था, आज यह औसत बढ़कर करीब 8 लीटर हो गया है। भारत में दुग्ध उत्पादन की उत्पादकता दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। भारत दुनिया में नंबर वन है, इसका मतलब है कि किसान परिवार की कमाई बढ़ी है।"

प्रधानमंत्री ने बताया कि आज यहां दो बायो सीएनजी प्लांट का शिलान्यास भी हुआ है। हमारा लक्ष्य साफ है कि पशु स्वस्थ हों, दूध उत्पादन बढ़े और गोबर का भी पूरा उपयोग हो। हम पशुपालन को केवल परंपरा नहीं, किसान की आमदनी बढ़ाने और गांव को समृद्ध बनाने का साधन बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मछली पालन के क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। भारत का सी-फूड निर्यात दो गुना से अधिक हो गया है। मछली पालन क्षेत्र में सहकारिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मधुमक्खी पालन से भी किसानों को आय का एक और साधन मिला है। बीते 12 वर्षों में शहद का उत्पादन दोगुना हुआ है। हमारा देश प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है और इस मधु क्रांति, स्वीट क्रांति में महिलाओं की भूमिका बढ़ती जा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि बनासकांठा का आलू आज विश्व प्रसिद्ध है। फल और सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम चल रहा है। इसके तहत आज 12 क्लस्टर स्वीकृत किए गए हैं। ये क्लस्टर टमाटर, हरी मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको जैसी फल-सब्जियों से जुड़े हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए सब्सिडी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि आज गुजरात को दो नई रेल सेवाएं मिली हैं, जिनमें अहमदाबाद-साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन शामिल हैं।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि आज देश का हर किसान, हर नौजवान विकसित भारत बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लग रहा। ये ऐसे लोग हैं जो देश को मुश्किल में देखना चाहते हैं। इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि ये 'मोदी' को बदनाम कर सकें।

इसका ताजा उदाहरण ईरान और खाड़ी देशों के आसपास चल रहा तनाव है। जब भारत एकजुट होकर इसका सामना करने में जुटा है, तब ये लोग अफवाहें फैलाने में लगे रहे। अफवाहें फैलाई गईं, किसानों को खाद के लिए डराया गया। इनका प्लान देश में अफरातफरी फैलाने का था ताकि मोदी को बदनाम कर सकें।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आज भी चल रही है, लेकिन हमने किसानों के लिए खाद की कमी नहीं होने दी। इस युद्ध के कारण दुनिया में फर्टिलाइजर की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। दुनिया में यूरिया की जो बोरी 3,000 रुपये में मिलती है, वही बोरी भारत के किसानों को 300 रुपये से कम में मिल रही है। डीएपी खाद की कीमत दुनिया में 5,000 रुपये से ऊपर पहुंच गई है, लेकिन भारत के किसानों को वही बोरी 1,350 रुपये में मिल रही है। देश यह मदद इसलिए कर रहा है ताकि हमारा किसान सशक्त हो।

अनिश्चितता से भरी दुनिया में भारत का तेज गति से विकास पूरी दुनिया के लिए नई उम्मीद है। ऐसे में एक भारत, श्रेष्ठ भारत के पथ पर निरंतर आगे बढ़ना है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं दो ही बातें जानता था। पहली जनसेवा से राष्ट्रसेवा और दूसरी गुजरात के विकास से देश का विकास। मैं देश के लिए जो कुछ भी कर पाया, इसका यश सभी देशवासियों को है। इसके लिए मैं आपका जीवन भर ऋणी रहूंगा और अंतिम क्षण तक आपकी सेवा में जुटा रहूंगा। अंत में उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि रन फॉर यूनिटी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

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