भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस बड़े परिवर्तन की तरफ आगे बढ़ रही है. आला कमान ने देशभर में 2 राज्यों में एक बड़ा पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. इनमें में से एक राज्य मध्य प्रदेश भी है. अब पार्टी ग्रामीण स्तर पर पंचायत कांग्रेस कमेटी और शहरी क्षेत्र में मोहल्ला और कॉलोनी कमेटियों का गठन करने जा रही है ताकि हर घर में कांग्रेस की पहुंच हो. कांग्रेस को यह बड़ा फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि लंबे अरसे से मध्य प्रदेश में पार्टी सत्ता से दूर है और लोकसभा के चुनाव में भी भाजपा ने यहां 29 सीटों पर क्लीन स्वीप किया. इस प्रोजेक्ट के लिए दूसरे राज्य के तौर पर गुजरात को चुना गया है. वहां पर भी परिस्थितियों कुछ इसी तरीके की हैं.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब संगठनात्मक पदों को ताकतवर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. प्रदेश में अब ब्लॉक और जिला अध्यक्ष को संगठनात्मक ढांचे में विधायक से बड़ा माना जाएगा. प्रदेश में कई जिलों में बड़े परिवर्तन भी होंगे. कई जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को बदला जाएगा कांग्रेस ने इसके लिए प्रक्रिया को पूरा कर लिया है. भोपाल ,उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ पार्टी में ग्रामीण स्तर तक परिवर्तन देखने मिलेंगे. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग खुद प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रभारी हरीश चौधरी और पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक करेंगे.
अधिवेशन में घोषित होंगी कमेटी
मध्य प्रदेश में कांग्रेस जल्द एक बड़ा अधिवेशन करने की तैयारी में है जिसमें पंचायत और मोहल्ला- कॉलोनी कांग्रेस कमेटीयों की घोषणा की जाएगी. इसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं.
कांग्रेस में फ्रेंचाइजी सिस्टम
वहीं जमीन से प्रदेश संगठन को खड़ा करने में जुटी कांग्रेस की तैयारी पर तंज कसते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है. जहां पर फ्रेंचाइजी पॉलिसी चलती है. अभी मध्य प्रदेश की फ्रेंचाइजी जीतू पटवारी के पास है तो वह जैसा चाह रहे हैं वैसा हो रहा है. इससे धरातल पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, कांग्रेस अपना भरोसा खो चुकी है.
आलाकमान के साथ कई दौर की बैठक
मध्य प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए पीसीसी ने स्ट्रक्चर बनाकर एआईसीसी को भेजा था जिस पर पार्टी आला कमान की मोहर लग चुकी है. इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कई दौर की मुलाकात शीर्ष पदाधिकारीयों, पार्टी प्रभारी हरीश चौधरी और अन्य नेताओं से हो चुकी है. कांग्रेस की माने तो जल्द ही इस प्रोजेक्ट के नतीजे दिखने लगेंगे, एक नई कांग्रेस मध्यप्रदेश में खड़ी होगी.

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