श्रीनगर
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों को लॉन्च पैड से निकालकर आर्मी शेल्टर्स में शिफ्ट किया जा रहा है. पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों से कहा है कि वे या तो आर्मी शेल्टर या फिर बंकरों में चले जाएं. पीओके स्थित सभी लॉन्च पैड को खाली करने को कहा गया है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि, पीओके में स्थित लॉन्च पैड से गाइड के जरिए आतंकी जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल होते हैं.
हाल फिलहाल में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ लॉन्च पैड की पहचान की थी, जिनमें से इन लॉन्च पैड से आतंकियों को शिफ्ट किया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि केल, सारडी, दुधनियाल, अथमुकम, जुरा, लीपा, पछिबन, फॉरवर्ड कहुटा, कोटली, खुइरत्ता, मंधार, निकैल, चमनकोट और जानकोटे में कुछ लॉन्च पैड हैं, जहां हमेश आतंकी मौजूद होते हैं.
एलओसी के पास अपनी सुरक्षा बढ़ा रहे कश्मीरी
सीमा पर तनाव के बीच कश्मीर में एलओसी के पास रहने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने लगे हैं. मसलन,कुछ वर्षों की सामान्य स्थिति और शांति के बाद, एलओसी के पास रहने वाले लोगों के लिए तनाव और अनिश्चितता फिर से वापस आ गई है. खासतौर से पीओके में भारतीय सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बाद स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ी है.
नियंत्रण रेखा, कुपवाड़ा के केरन, माछिल, तंगधार क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि पहलगाम हमले के बाद गोलीबारी की घटनाएं फिर से आम हो गई हैं. अपनी सुरक्षा के लिए लोग अब बम शेल्टर खोल रहे हैं और उनकी सफाई कर रहे हैं, ताकि हालात बिगड़ने पर लोग अपनी जान बचा सकें.
पाकिस्तान की तरफ से किया जा रहा सीजफायर का उल्लंघन
पाकिस्तान पिछले कुछ हफ्तों से जम्मू-कश्मीर में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से ये उल्लंघन आम हो गए हैं. अप्रैल 2025 तक दर्ज की गई घटनाओं को एलओसी के साथ जम्मू-कश्मीर में कई क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा उकसावे के रूप में देखा जा रहा है. भारतीय सेना ने प्रत्येक घटना का तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब दिया है, नागरिकों पर इसका कम से कम प्रभाव हुआ है.

More Stories
Pune Ketan Murder Case: सिया के खाई के किनारे बैठने की वजह से उठा पर्दा, जांच में खुला बड़ा राज
मुंबई में मानसून का कहर! सड़कों पर भरा पानी, अंधेरी सबवे बंद, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई
चार महीने बंद रहा होर्मुज, फिर भी नहीं थमी भारत की रफ्तार, जानिए कैसे