भोपाल
प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा गुरुवार को राज्य स्तरीय कार्याशाला का आयोजन किया गया। पलाश रेसीडेन्सी भोपाल में आयोजित इस कार्यशाला में योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इसमें राज्य शिक्षा केंद्र के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और सभी जिलों के नोडल अधिकारी तथा उनके सहायक शामिल हुए।
कार्यशाला का शुभारंभ स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के सीनियर कन्सलटेंटराघवेन्द्र खरे, छात्रवृति प्रकोष्ठ के उपसंचालक डॉ. मुकेश शर्मा एवं राज्य शिक्षा केन्द्र के संयुक्त संचालकप्राचीश जैन ने किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल NSP पर नवीन/ नवीनीकरण पंजीयन से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही योजना के प्रभावी संचालन, छात्रवृत्ति चयन प्रक्रिया, मॉनिटरिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रदेश के जिला नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। तकनीकी समन्वयकश्याम मनोहर शर्मा तथा स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नई दिल्ली की प्रतिनिधि सुश्री सोनल नागर एवं श्रीमती रीता ने प्रतिभागयिों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस अवसर राज्य नोडल अधिकारीआनंद शर्मा, श्रीमती अनुराधा यादव, राज्य समन्वयक श्रीमती ज्योति श्रीवास्तव सहित कार्यशाला में प्रत्येक जिले के नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित है राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना
राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजना राज्य के शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं नगरीय निकायों के विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 8वीं के आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्ली द्वारा चयन परीक्षा में पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। भारत सरकार द्वारा छात्रवृत्ति की राशि सीधे हितग्राही विद्यार्थी के खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ पाने के लिए छात्र को विगत वर्ष कक्षा 7वीं में न्यूनतम ‘सी’ ग्रेड से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही, अभिभावक की सकल वार्षिक आय 3.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य के लिए निर्धारित कोटा में मेरिट सूची के अनुसार प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश के 6 हजार 446 विद्यार्थियों का चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है।

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