लखनऊ
राज्य कर विभाग अब ‘व्यापारी संवाद’ कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक व्यापारियों तक पहुंचने की कोशिश करेगा। इसके लिए संवाद कार्यक्रम अब सेक्टर स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
संवाद के माध्यम से विभागीय अधिकारी व्यापारियों को कर नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करने के साथ ही उनकी समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही समाधान करने की कोशिश करेंगे। संवाद कार्यक्रम जून से शुरू होंगे।
राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि व्यापारी संवाद कार्यक्रम में क्षेत्र के व्यापारी, चार्टर्ड एकाउंटेंट के साथ ही प्रतिष्ठित लोग बुलाए जाते हैं। अब तक यह कार्यक्रम विभाग के 20 जोन में ही आयोजित किए जाते थे, पहली बार इसका आयोजन विभाग के 364 सेक्टरों में करने का निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय से विभाग अधिक से अधिक व्यापारियों तक अपनी बात पहुंचा सकेगा। व्यापारी संवाद सम्मेलनों में मुख्यालय स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रमों में विभागीय अधिकारी व्यापारियों के साथ ही उपस्थित अन्य लोगों को जीएसटी नियमों की जानकारी, रिटर्न फाइलिंग और विधिक व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक करेंगे।
मुख्यालय से जाने वाले अधिकारी व्यापारियों से संवाद के दौरान उनकी दिक्कतें सुनने के साथ ही साथ ही मौके पर ही समाधान करने की कोशिश करेंगे। नए व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण के प्रति प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में करदाताओं के अनुकूल माहौल तैयार करना है।

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